प्रथम पेज राजस्थानी भजन घूंगरीया घमकाता भेरूजी दौड्या आवे भजन लिरिक्स

घूंगरीया घमकाता भेरूजी दौड्या आवे भजन लिरिक्स

जद जद कलयुग माई,
भक्त पुकार लगावे,
जद जद कलयुग माई,
भक्त पुकार लगावे,
घूंगरीया घमकाता,
भेरूजी दौड्या आवे,
घूगरीया घमकाता,
भेरूजी दौड्या आवे।।

तर्ज – समय को भरोसो कोणी।



शिव शंकर के रूद्र कहावे,

शक्ति अंग प्रगटावे,
शिव शंकर के रूद्र कहावे,
शक्ति अंग प्रगटावे,
भीड पड्या किलकारी करने,
काला गोरा आवे,
तन मन से जो ध्यावे वाने ओ,
तन मन से जो ध्यावे वाने,
भक्ता रा मान बढावे,
घूगरीया घमकाता,
भेरूजी दौड्या आवे।।



अद्भुत शक्ति आप समावे,

माल रा नाथ कहावे,
अद्भुत शक्ति आप समावे,
माल रा नाथ कहावे,
देव निद्धि दरबार लगावे,
दाता राज पुजावे,
महिमा भारी हाजिर पावे ओ,
महिमा भारी हाजिर पावे,
नर नारी जश गावे,
घूगरीया घमकाता,
भेरूजी दौड्या आवे।।



कलयुग मे अवतारी बाबा,

जो चरना चित लावे,
कलयुग मे अवतारी बाबा,
जो चरना चित लावे,
भक्तन के खातिर भेरूजी,
पल में पार लगावे,
दुष्टन के घोटा घमकावे ओ,
दुष्टन के घोटा घमकावे,
भूत भागता जावे,
घूगरीया घमकाता,
भेरूजी दौड्या आवे।।



नानु पंडित शरण आपके,

बार बार गुण गावे,
नानु पंडित शरण आपके,
बार बार गुण गावे,
गलती गुनाह क्षमा कर दो,
‘मशरूम’ भजन मे गावे,
गांव तासोल री महिमा भारी ओ,
गांव तासोल री महिमा भारी ओ,
माल रा नाथ कहावे,
घूगरीया घमकाता,
भेरूजी दौड्या आवे।।



जद जद कलयुग माई,

भक्त पुकार लगावे,
जद जद कलयुग माई,
भक्त पुकार लगावे,
घूंगरीया घमकाता,
भेरूजी दौड्या आवे,
घूगरीया घमकाता,
भेरूजी दौड्या आवे।।

लेखक – नानू पंडित।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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