घोड़ो म्हारो छम छम करतो आवे,
बाबा रामदेव जी ने संग में लावे जी,
घोड़ो म्हारों छम छम करतो आवे।।
घोड़ो म्हारो टप टप पोड़ बजावे,
यो तो घुघरिया घमकावें वो,
घोड़ो म्हारों छम छम करतो आवे।।
घोड़ो म्हारो गढ़ रे रुणिचा सू आवे,
माता मेनादे जी ने संग में लावे वो,
बाबा रामदेव जी ने संग में लावे वो,
घोड़ो म्हारों छम छम करतो आवे।।
घोड़ो म्हारो प्रजापति समाज में आवे,
घोड़ो म्हारो सूरत की नगरी में आवे,
भक्ता रा दुखड़ा मिटावे वो,
घोड़ो म्हारों छम छम करतो आवे।।
घोड़ो म्हारो जग मग ज्योत जगावे,
भक्ता रा भाग जगावे वो,
घोड़ो म्हारों छम छम करतो आवे।।
घोड़े रा गुण महावीर सांखला गावे,
घोड़े रा गुण दशरथ प्रजापति गावे,
चरणा में शीश झुकावे वो,
घोड़ो म्हारों छम छम करतो आवे।।
घोड़ो म्हारो छम छम करतो आवे,
बाबा रामदेव जी ने संग में लावे जी,
घोड़ो म्हारों छम छम करतो आवे।।
गायक – महावीर जी सांखला।
प्रेषक – दशरथ प्रजापति।
8511790799








