घनश्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है हिंदी भजन लिरिक्स

घनश्याम तेरी बंसी,
पागल कर जाती है,

मुस्कान तेरी मोहन,
घायल कर जाती है।।



सोने की होती तो,
क्या करते तुम मोहन,

ये बांस की होकर भी,
दुनिया को नचाती है।।



तुम गोरे होते तो,
क्या कर जाते मोहन,

जब काले रंग पर ही,
दुनिया मर जाती है।।



दुख दर्दों को सहना,
बंसी ने सिखाया है,

इसके छेद है सीने मे,
फ़िर भी मुस्काती है।।



कभी रास रचाते हो,
कभी बंसी बजाते हो,

कभी माखन खाने की,
मन में आ जाती है।।



घनश्याम
तेरी बंसी,
पागल कर जाती है,

मुस्कान तेरी मोहन,
घायल कर जाती है।।

इसी तरह के हजारों भजनों को,
सीधे अपने मोबाइल में देखने के लिए,
भजन डायरी एप्प डाउनलोड करे।

भजन डायरी एप्प


9 टिप्पणी

    • धन्यवाद, कृपया गूगल प्ले स्टोर से भजन डायरी डाउनलोड करें और बिना इंटरनेट के भी सारे भजन सीधे अपने मोबाइल में देखे।

आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें