घणी घणी खम्मा म्हारी आवरा री मात ने लिरिक्स

सिंह री सवारी मैया,
आवरा पधारो,
ज्यारे दुनिया तो,
दर्शन आयी जियो,
घणी घणी खम्मा,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
घर घर ज्योति सवाई जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।



शक्ति रो रूप बन माताजी पूजावे,

शक्ति रो रूप बन माताजी पूजावे,
मूर्ति रूप के माई जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।



गाँव आसावरा है जग थानो,

गाँव आसावरा है जग थानो,
परचा तुरंत दिखाया जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।



लुला तो लंगडा आवे आंधा ने बेरा,

लुला तो लंगडा मैया आंधा ने बेरा,
गूंगा थारा गुण गावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।



सन्मुख थारे माँ सागरीयो लहरावे,

सन्मुख थारे माँ सागरीयो लहरावे,
स्नान करे जो सुख पावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।



एक तरफ मैया शिव शंकर बैठा,

एक तरफ मैया शिव शंकर बैठा,
हनुमंत हाक लगावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।



बारीया माई निकले ज्यारा रोग मिट जावे,

बारीया माई निकले ज्यारा रोग मिट जावे,
ताती बांधे सुख पावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।



दोनो नवरात्रि मे मेलो रे भरावे,

दोनो नवरात्रि मे मेलो रे भरावे,
लाखो लाखो जातरी तो आवे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।



सुदी आठ्म को मैया जागन जगावे,

सुदी आठ्म रो जागन जगावे,
भजन मंडली आवे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।



पुरीगा मेथी वंश पुजाई,

पुरीगा मेथी वंश पुजाई,
आरती पूजा तो मन भावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।



ऊंच नीच को काम नही है,

ऊंच नीच को काम नही है,
जात छत्तीस थारे आवे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।



सूखा ने हरीया करे माता म्हारी पल में,

सूखा ने हरीया करे माता म्हारी,
जय जयकार लगावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।



फूल माल साथ नारियल,

फूल माल साथ नारियल,
चुनडी चढावा थारे लावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।



अगवानी मे भेरू भदेश्वर,

अगवानी मे भेरू भदेश्वर,
घुंगरीया घमकावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।



घणा यात्री मैया पैदल पैदल आवे,

घणा यात्री पैदल पैदल आवे,
घणा तो लोटन कर आवे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।



सिंह री सवारी मैया,

आवरा पधारो,
सिंह री सवारी मैया,
आवरा पधारो,
ज्यारे दुनिया तो,
दर्शन आयी जियो,
घणी घणी खम्मा,
म्हारी आवरा री मात ने,
बाईसा ने सारो जग ध्यावे जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने,
घर घर ज्योति सवाई जियो,
घणी घणी खम्मां,
म्हारी आवरा री मात ने।।

गायक – महेंद्र सिंह जी राठौर।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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