एक डोली चली एक अर्थी चली हिंदी भजन लिरिक्स

एक डोली चली एक अर्थी चली,
फर्क दोनों में क्या है बता दे सखी।।

तर्ज – एक तू जो मिला।



चार तुझमे लगे चार मुझमे लगे,

फूल तुझपे चढ़े फूल मुझपे चढ़े,
फर्क दोनों में क्या है बता दे सखी,
तू पिया को चली में पिया से चली,
एक डौली चली एक अर्थी चली,
फर्क दोनों में क्या है बता दे सखी।।



मांग तेरी भरी मांग भरी,

चूड़ी तेरी हरी चूड़ी मेरी हरी,
फर्क दोनों में क्या है बता दे सखी,
तू जहा को चली में जहा से चली,
एक डौली चली एक अर्थी चली,
फर्क दोनों में क्या है बता दे सखी।।



तुझे देखे पिया तेरे हँसते पिया,

मुझे देखे पिया मेरे रोये पिया,
फर्क दोनों में क्या है बता दे सखी,
तू विदा हो चली में अलविदा हो चली,
एक डौली चली एक अर्थी चली,
फर्क दोनों में क्या है बता दे सखी।।



लकड़ी तुझमे लगी लकड़ी मुझमे लगी,

लकड़ी वो भी सजी लकड़ी ये भी सजी,
फर्क दोनों में क्या है बता दे सखी,
तू लकड़ी से चली में लकड़ी में चली,
एक डोली चली एक अर्थी चली,
फर्क दोनों में क्या है बता दे सखी।।



एक डोली चली एक अर्थी चली,

फर्क दोनों में क्या है बता दे सखी।।


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