देता हरदम सांवरे तू हारे का साथ भजन लिरिक्स

देता हरदम सांवरे,
तू हारे का साथ,
मैं भी जग से हार के आया,
थाम ले मेरा हाथ,
देता हरदम साँवरे,
तू हारे का साथ।।



रो रही आँखें मेरी,

हँसता जमाना है
मुश्किलों में घिर गया,
तेरा दीवाना है,
बिन तेरे अब कौन सुने,
मेरे दिल की बात,
मैं भी जग से हार के आया,
थाम ले मेरा हाथ,
देता हरदम साँवरे,
तू हारे का साथ।।



हर कदम पर क्यों भला,

मैं मार खाता हूँ,
जीतना चाहूँ मगर मैं,
हार जाता हूँ,
आजा अब तू देखले,
मेरे ये हालात,
मैं भी जग से हार के आया,
थाम ले मेरा हाथ,
देता हरदम साँवरे,
तू हारे का साथ।।



तू नहीं सुनता अगर,

किसको बताता मैं,
घाव जो दिल पे लगे,
किसको दिखाता मैं,
‘हर्ष’ जमाने ने दिए,
कितने ही आघात,
मैं भी जग से हार के आया,
थाम ले मेरा हाथ,
देता हरदम साँवरे,
तू हारे का साथ।।



देता हरदम सांवरे,

तू हारे का साथ,
मैं भी जग से हार के आया,
थाम ले मेरा हाथ,
देता हरदम साँवरे,
तू हारे का साथ।।

Singer – Mukesh Bagda Ji


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