प्रथम पेज प्रकाश माली भजन दर्शन करवा चालो रे थे सोनाला रे मायने भेरुजी भजन लिरिक्स

दर्शन करवा चालो रे थे सोनाला रे मायने भेरुजी भजन लिरिक्स

दर्शन करवा चालो रे थे सोनाला रे मायने,

दोहा – भेरू देवा सुनो विनती,
भगत करे अरदास,
सकल काज भेरू सिद्ध करो,
मै निव निव लागू पाव।

दर्शन करवा चालो रे थे सोनाला रे मायने,
दर्शन करवा चालों रे थे सोनाला रे मायने,
जगमग जागे थारी ज्योत भेरूजी रा धाम में,
जगमग जागे थारी ज्योत भेरूजी रा धाम पे,
अगरबत्ती बाटा रे थे लेलो सगला साथ मे,
अगरबत्ती बाटा रे थे लेलो सगला साथ मे,
ज्योत जगावा थारे द्वार सोनाला दरबार में,
ज्योत जगावा थारे द्वार सोनाला दरबार में।।



दुखीया दरबार थारे दौड्या दौड्या आवे,

सोनाला भेरूजी सबने हिए सु लगावे,
दुखीया दरबार थारे दौड्या दौड्या आवे,
सोनाला भेरूजी सबने हिए सु लगावे,
आंधा आँखीया जी पावे लुला दौडता ही जावे,
आंधा आँखीया जी पावे लुला दौडता ही जावे,
पालनीया बंधावे रे सोनाला भेरू धाम पे,
पालनीया बंधावे रे सोनाला भेरू धाम पे,
कटे सारा तन रा ही रोग भेरूजी थारा धाम पे,
ज्योत जगावा थारे द्वार सोनाला दरबार में।।



सोनाला रो देव मोटो भेरू अवतारी,

दुनिया दर्शन ने आवे परचा है भारी,
सोनाला रो देव मोटो भेरू अवतारी,
दुनिया दर्शन ने आवे परचा है भारी,
भेरू भगता रो रखवालो,
म्हारो देव सोनाला वालो,
भेरू भगता रो रखवालो,
म्हारो देव सोनाला वालो,
घूंगरीया घमकावे रे सोनाला डूंगर मायने,
घूंगरीया घमकावे रे सोनाला डूंगर मायने,
नाचे चौसठ जोगन आय द्वार सोनाला दरबार में,
नाचे चौसठ जोगन आय द्वार सोनाला दरबार में।।



साचे मन सु सेवा करजो श्री भैरव नाथ री,

सकल सुधारे कारज शोभा है न्यारी,
साचे मन सु सेवा करजो श्री भैरव नाथ री,
सकल सुधारे कारज शोभा है न्यारी,
सगला बिगड्या काज सुधारे,
मनडा माई धीर बंधावे,
सगला बिगड्या काज सुधारे,
मनडा माई धीर बंधावे,
भगता ने ऊबारे ओ सोनाला भेरू आयने,
भगता ने ऊबारे ओ सोनाला भेरू आयने,
ज्योत जगावे थारे द्वार सोनाला दरबार में,
ज्योत जगावा थारे द्वार सोनाला दरबार में।।



पगा तो ऊबाना बीरा सोनाला मे चालो,

भेरूजी रा चरना माई शिश झुकावो,
पगा तो ऊबाना बीरा सोनाला मे चालो,
भेरूजी रा चरना माई शिश झुकावो,
थारी भेरू करे रे सुनवायी,
द्वारे दीजो धोक लगाय,
थारी भेरू करे सुनवायी,
द्वारे दीजो धोक लगाय,
खाली झोली भरदेला सोनाला भेरू आयने,
खाली झोली भरदेला सोनाला भेरू आयने,
शांति भगत कहे सुनो आज अर्जुन जश गावेला,
शांति भगत कहे सुनो आज अर्जुन जश गावेला।।



दर्शन करवा चालो रे थे सोनाला रे मायने,

दर्शन करवा चालों रे थे सोनाला रे मायने,
जगमग जागे थारी ज्योत भेरूजी रा धाम में,
जगमग जागे थारी ज्योत भेरूजी रा धाम पे,
अगरबत्ती बाटा रे थे लेलो सगला साथ मे,
अगरबत्ती बाटा रे थे लेलो सगला साथ मे,
ज्योत जगावा थारे द्वार सोनाला दरबार में,
ज्योत जगावा थारे द्वार सोनाला दरबार में।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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