चाँदनी चौदश उज्याली कुलदेवी घरे आया रे

चाँदनी चौदश उज्याली,
कुलदेवी घरे आया रे,
कोई कुलदेवी घरे आया,
म्हारे आँगन खुशिया लाया रे,
झीनी झीनी मोतिडासु ,
आंगनिया में ज्योत पुरासु ,
दर्शन माने दीजो,
चाँदनी चौदश उज्याली,
नागणेशी घरे आया रे,
नागणेशी घरे आया म्हारे,
आँगन खुशिया लाया रे।।



नागाणा में आप विराजो,

नागणेशी माँ म्हारी जी,
नागणेशी माँ म्हारी,
मैया कुलदेवी माँ म्हारी जी,
जग में महिमा मोटि थारी ,
नीवन करे माँ नर ने नारी ,
सेवक द्वारे आयो,
चाँदनी चौदस उज्याली,
नागणेशी घरे आया रे,
नागणेशी घरे आया म्हारे,
आँगन खुशिया लाया रे।।



भाकर खुलके बनियो देवरो,

कुलदेवी नागणेशी जी,
नवरात्री में मेलो लागे,
जय जयकार सुनावे जी,
छोटा मोटा द्वारे आवे,
नागणेशी ने शीस निवावे,
सिर पर हाथ धरजो,
चाँदनी चौदस उज्याली,
नागणेशी घरे आया रे,
नागणेशी घरे आया म्हारे,
आँगन खुशिया लाया रे।।



नवरात्रि में मेलो लागे,

जय जयकार सुनावे जी,
हे जगदम्बे हे जगजननी,
सुनलो मैया म्हारी जी,
ब्रह्मा विष्णु महेश मनावे ,
सब देवत थारा गुण गावे ,
मा पर कृपा कीजो,
चाँदनी चौदस उज्याली,
नागणेशी घरे आया रे,
नागणेशी घरे आया म्हारे,
आँगन खुशिया लाया रे।।



जग कल्याणी माता म्हारी,

जग महिमा न्यारी जी,
नारसाजी परिवार मैया,
थारा ही गुण गावे जी,
सान्ताजी ने शरणा राखो,
हिमाताजी पे कृपा कीजो,
संजय जीगर जस गायो,
चाँदनी चौदस उज्याली,
नागणेशी घरे आया रे,
नागणेशी घरे आया म्हारे,
आँगन खुशिया लाया रे।।



चाँदनी चौदश उज्याली,

कुलदेवी घरे आया रे,
कोई कुलदेवी घरे आया,
म्हारे आँगन खुशिया लाया रे,
झीनी झीनी मोतिडासु ,
आंगनिया में ज्योत पुरासु ,
दर्शन माने दीजो,
चाँदनी चौदस उज्याली,
नागणेशी घरे आया रे,
नागणेशी घरे आया म्हारे,
आँगन खुशिया लाया रे।।



“श्रवण सिंह राजपुरोहित द्वारा प्रेषित”

सम्पर्क : +91 9096558244


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