कभी धूप तो कभी छाव प्रदीप भजन लिरिक्स
सुख दुख दोनो रहते जिसमे, जीवन है वो गाँव, कभी धूप कभी छाव, कभी धूप तो कभी छाव, उपर वाला...
Read moreDetailsसुख दुख दोनो रहते जिसमे, जीवन है वो गाँव, कभी धूप कभी छाव, कभी धूप तो कभी छाव, उपर वाला...
Read moreDetailsमुखड़ा देख ले प्राणी, जरा दर्पण में हो, देख ले कितना पुण्य है कितना, पाप तेरे जीवन में, देख ले...
Read moreDetailsटूट गयी है माला, मोती बिखर चले, दो दिन रह कर साथ, जाने किधर चले।। मिलन की दुनिया छोड़ चले...
Read moreDetailsकोई लाख करे चतुरायी, करम का लेख मिटे ना रे भाई, जरा समझो इसकी सच्चाई रे, करम का लेख मिटे...
Read moreDetailsपिंजरे के पंछी रे, तेरा दर्द ना जाणे कोए, तेरा दर्द ना जाणे कोए, बाहर से तो खामोश रहे तू, भीतर भीतर...
Read moreDetailsमाटी के पुतले तुझे कितना गुमान है, तेरी औकात क्या, तेरी औकात क्या, तेरी क्या शान है, माटी के पुतले...
Read moreDetailsईश्वर को जान बन्दे, मालिक तेरा वही है, करले तू याद दिल से, हर जां में वो सही है, ईष्वर...
Read moreDetailsहो आज लक्ष्मन पड़ा निष्प्राण है पङा, निष्प्राण है पड़ा हो आज लक्ष्मन, (तर्ज :- हो आज मौसम बड़ा ......
Read moreDetailsअब चलना मुश्किल हो गया कि करिए कि करिए, ( तर्ज :- दिल चोरी सांटा हो गया ) शेर :-...
Read moreDetailsजिद अपनी छोड़, जिद अपनी छोड़ ( तर्ज :- वादा न तोड़ ) ज़िद अपनी छोड़, ज़िद अपनी छोड़ तेरी...
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