पूजई रह्या घर घर में संत सियाराम
पूजई रह्या घर घर में, संत सियाराम, बैकुंठ बणी गई, तेली भट्यान।। अखंड रामायण को, चले वहां पाठ, दिन दुफार...
Read moreDetailsपूजई रह्या घर घर में, संत सियाराम, बैकुंठ बणी गई, तेली भट्यान।। अखंड रामायण को, चले वहां पाठ, दिन दुफार...
Read moreDetailsमैया जी स्वर खा ऐसो मांजो, दोहा - प्रथम नमन गुरुदेव खो, द्वितीय आदि गणेश, सीस नवाऊ सरस्वती, मोरे कंठ...
Read moreDetailsजिंदगी भर काम, करते रह गए, हरि भजन को हम, तरसते रह गए।। तर्ज - दिल के अरमा। हरि भजन...
Read moreDetailsचरणों में पड़ा तेरे, प्रभु मुझको भुला ना देना। दोहा - कलयुग में नर तन पाई के, नर मानुष जीवन...
Read moreDetailsभाई बहन के प्रेम का रिश्ता, सब रिश्तों से न्यारा है, एक दूजे की ताकत है ये, एक दूजे का...
Read moreDetailsसच्चा तू करतार है, सबका पालनहार है, तेरा सबको आसरा, सुखों का भण्डार है।। नदियाँ नाले पर्वत सारे, तेरी याद...
Read moreDetailsनिमाड़ का तो, संत सिंगाजी बाबा, निर्गुण वाणी बोल्या हो, निर्गुण वाणी बोल्या संत होन, अमीरस वाणी बोल्या हो।। कलयुग...
Read moreDetailsसकल हंस में राम विराजे, राम बिना कोई धाम नहीं, सब ब्रह्माण्ड में जोत का वासा, राम को सुमरू दूजा...
Read moreDetailsसमय जो चाहेगा वो होगा, दोहा - समय पाय फल होत है, समय पाय झरि जाय, सदा रहे नहिं एक...
Read moreDetailsमाया में मन अपना, जो फांसे रहते है। दोहा - माया चार प्रकार की, एक बिलसे एक खाए, एक मिलावे...
Read moreDetails© 2016-2026 Bhajan Diary