ऐसा है मेरे श्री हरी का नाम कैसे उनका करूँ गुणगान लिरिक्स
ऐसा है मेरे श्री हरी का नाम, कैसे उनका करूँ गुणगान, बांकी कोई न करुणा निधान।। निश्छल भक्ति तेरी हरदम...
Read moreDetailsऐसा है मेरे श्री हरी का नाम, कैसे उनका करूँ गुणगान, बांकी कोई न करुणा निधान।। निश्छल भक्ति तेरी हरदम...
Read moreDetailsपल ही पल में क्या हो जाए, पता नही तकदीर का, राजा को भिखारी बना दे, काम है तकदीर का।।...
Read moreDetailsकिसको पता है कब ये हंसा, तन पिंजरे को छोड़े, हरी हरी रट मनवा रे, दिन रह गए थोड़े, हरी...
Read moreDetailsमात पिता और गुरू चरणों में, दंडवत बारम्बार, हम पर किया बडा़ उपकार, हम पर किया बडा़ उपकार, ममता ज्ञान...
Read moreDetailsरचा है श्रष्टि को जिस प्रभु ने, वही ये श्रष्टि चला रहे है, जो पेड़ हमने लगाया पहले, उसी का...
Read moreDetailsजो कर्म कर रहे हो, वहां सब हिसाब है, जैसा करोगे पाओगे, सीधा जबाब है।। जब आ गए संसार में,...
Read moreDetailsगाँव रुणिचे वाला बाबा, दर्शन म्हाने दे दीजो, निज चरणा में रामदेवजी, चाकर म्हाने रख लिजो।। तर्ज - भला किसी...
Read moreDetailsपंडरपुर में जाने वाले, एक संदेशा मेरा लेता जा, इक नामा तेरी याद मे रोये, उसको दर्शन दे देना।। तर्ज...
Read moreDetailsमैं घर बना रहा हूँ, किसी और के लिए। दोहा - पैर की आहत पाज़ेबों की, झनकारे सुन लेती है,...
Read moreDetailsआएँगे एक दिन लेने को, यम के उड़न खटोले, बैरी बंजारा यूँ बोले, बैरी बंजारा यूँ बोले।। तर्ज - मिलने...
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