सुखानंद में गंगा की धारा भजन लिरिक्स
शिव शंकर भोलेनाथ, डमरू लिये हाथ, सदाशिव पार्वती प्यारा, मस्तक पर पड़ती, सुखानंद में गंगा की धारा, मस्तक पर पड़ती,...
Read moreDetailsशिव शंकर भोलेनाथ, डमरू लिये हाथ, सदाशिव पार्वती प्यारा, मस्तक पर पड़ती, सुखानंद में गंगा की धारा, मस्तक पर पड़ती,...
Read moreDetailsभजन बिन ये जीवन, पशु जैसा बीते, भजन जो करे नित, वही जग में जीते, भजन बिन यें जीवन, पशु...
Read moreDetailsगैया माता तुम्हे पुकारे, कहाँ छुपे हो श्याम, कष्ट पड़ा है हम पर भारी, आ जाओ घनश्याम, सांवरे आन बचा...
Read moreDetailsआओ भक्तों मिलकर हम सब, खुशियां मनाते है, यह उत्सव मनाते है, विश्वकर्मा भगवान की आओ, जयंती मनाते हैं, उनकी...
Read moreDetailsये मशीने ये पुर्जे, ये फरमा ना होते, अगर विश्व में, विश्वकर्मा ना होते।। देखे - कुशल कारीगरी ही इनकी...
Read moreDetailsकाई लाया न काई लई जावंगा, जसा आया न वसा चली जावंगा।bd। दी रे विधाता न सुंदर काया, करी लेओ...
Read moreDetailsप्रभु तुम अणु से भी सूक्ष्म हो, प्रभु तुम गगन से विशाल हो, मैं मिसाल दूँ तुम्हे कौनसी, दुनिया में...
Read moreDetailsसुमिरन क्यों नि करे, क्यों रे मन सुमिरन क्यो नि करे।bd। रावण कंस हिरणाकुश मारयो, ध्रुव प्रहलाद विभीषण तारयो, तू...
Read moreDetailsप्रभु तेरा द्वार ना छूटे रे, प्रभु तेरा द्वार ना छूटें रे, छूट जाए संसार, प्रभु तेरा द्वार ना छूटें...
Read moreDetailsयह अवसर फिर नहीं मिलने का, सतसंग करो सतसंग करो, यह वक्त नही हिल डुलने का, सतसंग करो सतसंग करो।।...
Read moreDetails© 2016-2025 Bhajan Diary