कावड़िया ले चल गंग की धार भजन लिरिक्स
कावड़िया ले चल गंग की धार, दोहा - भस्म रमाए बैठे है शंकर, सज धज के दरबार, कावड़िया ले आओ...
Read moreDetailsकावड़िया ले चल गंग की धार, दोहा - भस्म रमाए बैठे है शंकर, सज धज के दरबार, कावड़िया ले आओ...
Read moreDetailsभोले की किरपा, जिस पर भी रहती है, उसके घर में सुख की, गंगा बहती है, पूछ लो चाहे जाके,...
Read moreDetailsमेरी अखियाँ तरस रही, भोले का दीदार पाने को, मैं भगत दीवाना तेरा, दिखा दूंगा ज़माने को, मेरी अँखियाँ तरस...
Read moreDetailsसच्चे मन से उन्हें पुकारो, दौड़े आएंगे शिवनाथ, दौड़े आएंगे शिवनाथ।। अपने भक्तों के हित कारण, जहर कंठ में धारा,...
Read moreDetailsभोले भाले डमरू वाले, नंदी के असवार, शरण तेरी आ गया, तेरी शरण में आ गया, तेरी शरण में आ...
Read moreDetailsसर को झुका आके, सर को झुका, यहाँ झुकता जहान आके सारा, पल में ये तेरी भर देगा झोलियाँ, बड़ा...
Read moreDetailsभजामि शंकराये नमामि शंकराये, त्रिलोचनाये शूलपाणी चंद्र शेखराये, हर हर बम बम शिव भोले, हर हर बम बम शिव भोले।।...
Read moreDetailsभोले ओ भोले, तू मेरा मैं तेरा, अपना मुझे बना ले, दर्शन जरा दिखा दे।bd। तर्ज - भोले ओ भोले।...
Read moreDetailsहे भोले बाबा हे भंडारी, नाम जपूँ तेरा, ओ शम्भू मेरे नाम जपूँ तेरा, डमरू वाला दीनदयाला, डमरू वाला दीनदयाला,...
Read moreDetailsशिव में मिलना है, दोहा - कितना रोकूं मन के शोर को, ये कहा रुकता है, की शोर से परे,...
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