मन ममता को मारिये कर कर ब्रह्मविचार
मन ममता को मारिये, दोहा - किण तन का दिवला करूं, बाती मेलूं घीव, लोही सिंचूं तेल ज्यूं, म्हरो जद...
Read moreDetailsमन ममता को मारिये, दोहा - किण तन का दिवला करूं, बाती मेलूं घीव, लोही सिंचूं तेल ज्यूं, म्हरो जद...
Read moreDetailsमस्तानी मालण, हरि रस प्यालो भरदे, थारी सुरता समझ ने बोल रे, नैणो रा परदा खोल रे, अखियो रा परदा...
Read moreDetailsहोरी सतगुरु ज्ञान दियो री ऐ, जीव ईश रो भेद मिटाकर, पूर्ण ब्रह्म कीयोरी ऐ, होरी सतगुरु ज्ञान दियोरी।। निज...
Read moreDetailsहे निवण करे नर नारी हो, राजेश्वर दाता पल में दुनिया तारी, हे कलबी कुल मे जामों पायों, राजेश्वर अवतारी,...
Read moreDetailsजत मत सत सैन सतगुरु की, ज्यांरे लाग्यो विरह रो बाण, आठूं पहर ज्यांरे लहर भजन री, पीयो अमीरस छांण,...
Read moreDetailsलीलन घोड़ी सोवनी य माय, माय मारी किया निरख बा जाऊ ये, धोलिया जाट की घोड़ी, लाम्बो काडो घुंघटो वो...
Read moreDetailsसमझ मन राम नाम निज सार, दोहा - मानुष नर तन पाय के, कदे ना भजियो राम, हीरो अनमोल रेत...
Read moreDetailsम्हारा घर का तड़ी तूँबड़ा, अरे म्हारा रे घर का बोरिया बिस्तर, थारे भरोसे रे, म्हारा कोटड़ी वाला, पार लगादे...
Read moreDetailsआर जे 08 वाली करदे सपोर्ट, गांव लबान बैठी चुनर ओढ़, आर जे 08 वाली करदे सपोर्ट, गांव लबान बैठी...
Read moreDetailsगंगा मैया की कथा लिरिक्स, वामन रूप धार नारायण, यज्ञ बलि के आ गए, तीन पेंड का वचन भराकर, ब्रह्मलोक...
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