म्हारी सुरता सुहागन नार कुवारी क्यों फिरे भजन लिरिक्स
म्हारी सुरता सुहागन नार, कुवारी क्यों फिरे, मारी घणी समझनी नार, कुवारी क्यु फिरे, घणी समझनी नार, कुवारी क्यु फिरे,...
Read moreDetailsम्हारी सुरता सुहागन नार, कुवारी क्यों फिरे, मारी घणी समझनी नार, कुवारी क्यु फिरे, घणी समझनी नार, कुवारी क्यु फिरे,...
Read moreDetailsउक ने टूको रे ओ माय कवरिया, उक ने टूको रे ओ माय, टूक रे टूके रे दिवलीया, क्यु बले...
Read moreDetailsबीकानेर रिडी बिग्गा में, वीर बिग्गाजी प्रकट्या रे, जब तक सूरज चांद रहेगा, वीर बिग्गाजी का नाम रे।। जाखड़ गोत्र...
Read moreDetailsइन रे काया रो हिण्डोलो रचीयो, डगमग झोला खाये रे मनवा, चेती चालो ओ भाई रे, चेते ने चालो बीरा...
Read moreDetailsहाथ जोड़ने अर्ज करूं, आयो थारे बारणे, दुनिया माने मौसा बोले, एक बालक रे कारणे।। अजमल केवे सुनो सांवरा, मत...
Read moreDetailsइन रे आंगनीये है सखी, केई नर खेलन आया ओ, केई खेल्या ने केई नर खेलसी, केई नर खेल सिदाया...
Read moreDetailsमाया का लोभी मत करे अभिमान, मिल्यो अवसर तू तो भज हरि नाम, मिल्यो अवसर तू तो भज हरि नाम।।...
Read moreDetailsकाया रा नगर में रे, संतो सुरता कुवारी रह जासी, सुरता कुवारी रह जावे रे, इन सत्य पुरूष परणावो, काया...
Read moreDetailsनुगरा रे मुंडे राम नी आवे, केसर गुल गई गारा में, पापी रे मुखड़े राम नी आवे, केसर गुल गई...
Read moreDetailsपशु चाम रा बने पनेहा, नोपत मंडे नगाडा हा, नर थारी चाम काम नही आवे, नर थारी चाम काम नही...
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