राजस्थानी भजन

Rajasthani Bhajan Lyrics

अलख निरंजन निज निराकारी विभो नभ ज्यूँ अलख पसारी

अलख निरंजन निज निराकारी, विभो नभ ज्यूँ अलख पसारी।। निर्गुण से सिर्गुण हो आया, ज्योति स्वरूप है आपकी माया। अलख...

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