गुरु जी बिना कोई कामे नी आवे कबीर भजन लिरिक्स
गुरु जी बिना कोई कामे नी आवे, कुल अभिमान मिटावे है, कुल अभिमान मिटावे हो साधो, अरे सतलोक पहुँचावे है,...
Read moreDetailsगुरु जी बिना कोई कामे नी आवे, कुल अभिमान मिटावे है, कुल अभिमान मिटावे हो साधो, अरे सतलोक पहुँचावे है,...
Read moreDetailsहालो हालो म्हारा दीनदयाल, म्हारे घर हालोनी। दोहा - रामा सामा आवजो, ने कलजुग बहत करूर, अरज करूँ अजमाल रा,...
Read moreDetailsभाई लेनी गुरूजी री शरण, तरण रो मौको आयो रे। सुबीसा से मनुष्य तन पायो, अरे अजब सोच मन मे...
Read moreDetailsहे माँ माजीसा, हे मां माजीसा, जग में साचो तेरो नाम, हे मां माजीसा हे मां माजीसा।। तू ही जग...
Read moreDetailsवेगा पधारो म्हारा सतगुरु, कठिन घडी है।। दोहा - सतगुरु आवत देखीया, ज्यारे खांदे लाल बंदूक, गोली दागी हरि नाम...
Read moreDetailsइनरे जगत में जाल फेलीयो, इनरें जगत में जाल फेलीयो, ना कोई वारम्वारा ए हा, तीन लोक ये जग रिश्ता...
Read moreDetailsपाँच तत्व और तीन गुण नाही, पांच तत्व ओर तीन गुण नाही, काल जाल से न्यारा ए हा, सात दीप...
Read moreDetailsजियो घणावर राज घणावर, जियों घणावर राज घणावर, अरे जियों घणावर, सुन्धा रा रे पहाडों मे, ओ राज घणावर, सुन्धा...
Read moreDetailsगोरक्ष जोगी नाथ पुकारे, मूल मत हारो हर का प्यारा जी।। ग्यारस सूनी अवधू मावस सूनी, सूना है सातो वारा...
Read moreDetailsहार गया इस जग से बाबा, आया तेरे द्वार, नजर इक महर की कर दे, थोडी सी तु किरपा कर...
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