पितरा की पातड़ी घड़ दे सोनी का पितृ भजन लिरिक्स
पितरा की पातड़ी घड़ दे सोनी का, नुत जिमाऊं ऊत बुलावा, दिया जलावां घी का।। सोना चांदी की पातडी में,...
Read moreDetailsपितरा की पातड़ी घड़ दे सोनी का, नुत जिमाऊं ऊत बुलावा, दिया जलावां घी का।। सोना चांदी की पातडी में,...
Read moreDetailsवालेरा में बिराजीया, दुदेश्वर महादेव, आशा भारतीजी करे सेवना, आप देवो आदेश, कोई वले वले करूँ विनती, दर्शन दो महादेव,...
Read moreDetailsआशा भारतीजी आप बड़ा तपधारी, स्वामी कुल में जामो पायो, स्वामी कुल मे जामो पायो, वारी वारी जाऊँ बलिहारी ओ,...
Read moreDetailsगाँव वालेरा माय गुरूजी बिराजे रे, सुजा भारती जी भगता ने दर्शन देवे रे, सुजा भारती जी भगता ने दर्शन...
Read moreDetailsमोरा सासुजी आयो आयो जेठ ने आसाड, मोरा सासुजी मारे रे सरीखी माटी नोखे, मोरा सासुजी थे को वो तो...
Read moreDetailsवालेरा में दुदेश्वर रो धाम, वालेरा मे दुदेश्वर रो धाम, दुनिया दर्शन ने आवे आपरे ए जी हा, आशा भारतीजी...
Read moreDetailsभोला गिरीजी भजन कमाया ओ, एतो संतो मे सिद्धेश्वर केवाया ओ, म्हारा गुरूजी भगता रे मन भाया ओ राज, एतो...
Read moreDetailsधिन धिन ओ वालेरा रा धणीया, ओ जुगडा मे ज्योति समाई ओ राज, गाँव वालेरा मे सुजा रे भारती जी,...
Read moreDetailsनिर्मोही राजा की कथा, एक दिन भूपति, खेलन गय़ा शिकार, प्यास लगी उस भूप को, गया गुरु के पास। कहा...
Read moreDetailsसुन्दर गिरीजी महाराज, हरि अंश आया रे, ए गाँव लाखनी माय, जन्म धराया रे, पिता पाल सिंह जी परिहार, घणा...
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