धर्मी वहाँ मेरा हंस रहवाया देसी परा बाणी लिरिक्स
धर्मी वहाँ मेरा हंस रहवाया, दोहा - कहे सन्त सगराम, राम ने भूलू कीकर, भूलियो भुंडी होय, माजनो जासी भीखर।...
Read moreDetailsधर्मी वहाँ मेरा हंस रहवाया, दोहा - कहे सन्त सगराम, राम ने भूलू कीकर, भूलियो भुंडी होय, माजनो जासी भीखर।...
Read moreDetailsथारा डमरू की तान प्यारी लागे, भोला लहरी नाद बाजे।। सावन का महीना में भोला डमरू बाजे, बान्ध घुघरा नान्दिया...
Read moreDetailsबाला या कांई थार जचगी, पुंछ को फटकारो माऱयो, लंका जलगी।। श्रीराम को ले संदेशो हनुमत लंका जाव, सो योजन...
Read moreDetailsहँसला साध संगत नित कर रे, दोहा - पिंड ब्रह्मांड को खोज के, चढ़िया अगम के देश, श्री लादुनाथ जी...
Read moreDetailsसंतो री महिमा, कहाँ लग करू रे बड़ाई। दोहा - शरणे आये री विनती, प्रभु रखिये मेरी लाज, संता सोरो...
Read moreDetailsमेरा सतगुरु दीनदयाल, चुंदड़ी ने रंग दीनी, आतो ओढ़ सुहागण सुरता नार, ओढ़ निर्मल कीनी, मेरा सतगुरु दींनदयाल, चुंदड़ी ने...
Read moreDetailsसाधो भाई अपणी आप लखेलो, अपणी बात आप ही जाणे, ना घटे ना बधेलो, ना कोई बंध मुक्त का फंदा,...
Read moreDetailsआतम आप सकल में रमता, ना वे जन्मे ना वे मरता। दोहा - देह मरे तू अमर है, पार ब्रह्म...
Read moreDetailsअमर जोगी जोग जुगत कर सोजी, दोहा - किस विध सतगुरु बैठणो, और कैसे रटणो नाम, किस विध ध्यान लगावणो,...
Read moreDetailsखम्मा खम्मा आई माता, थारो देवरो ए माँ, ओ खम्मा खम्मा आईं माता, थारो देवरो ए माँ, म्हाने टाबरिया जाणे...
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