हँसला साध संगत नित कर रे देसी चेतावनी बाणी
हँसला साध संगत नित कर रे, दोहा - पिंड ब्रह्मांड को खोज के, चढ़िया अगम के देश, श्री लादुनाथ जी...
Read moreDetailsहँसला साध संगत नित कर रे, दोहा - पिंड ब्रह्मांड को खोज के, चढ़िया अगम के देश, श्री लादुनाथ जी...
Read moreDetailsसंतो री महिमा, कहाँ लग करू रे बड़ाई। दोहा - शरणे आये री विनती, प्रभु रखिये मेरी लाज, संता सोरो...
Read moreDetailsमेरा सतगुरु दीनदयाल, चुंदड़ी ने रंग दीनी, आतो ओढ़ सुहागण सुरता नार, ओढ़ निर्मल कीनी, मेरा सतगुरु दींनदयाल, चुंदड़ी ने...
Read moreDetailsसाधो भाई अपणी आप लखेलो, अपणी बात आप ही जाणे, ना घटे ना बधेलो, ना कोई बंध मुक्त का फंदा,...
Read moreDetailsआतम आप सकल में रमता, ना वे जन्मे ना वे मरता। दोहा - देह मरे तू अमर है, पार ब्रह्म...
Read moreDetailsअमर जोगी जोग जुगत कर सोजी, दोहा - किस विध सतगुरु बैठणो, और कैसे रटणो नाम, किस विध ध्यान लगावणो,...
Read moreDetailsखम्मा खम्मा आई माता, थारो देवरो ए माँ, ओ खम्मा खम्मा आईं माता, थारो देवरो ए माँ, म्हाने टाबरिया जाणे...
Read moreDetailsकचरो छा गयो रे कर्मो पे, कैसे काटे दुखड़ो। दोहा - कबीर कमाई आपणी, कबू न निष्फल जाय, सात समद...
Read moreDetailsभजन बिना जावेगा रे रोता, दोहा - आया था किस काम से, थू सोया चादर ताण, एक दिन ऐसा सोयेगा,...
Read moreDetailsमन रे राम भजन कर गेला रे, थने सतगुरु देवे हेला रे।। दिवस गमायो कमायो खायो, ज्यू घाणी का बैला...
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