सांवरिया थे तो सिंगोली बिराजो म्हारा श्याम भजन लिरिक्स
सांवरिया थे तो, सिंगोली बिराजो म्हारा श्याम, पर्वत बीच था कि झांकी, प्यारी लागे म्हारा श्याम।। चारभुजा चिंता हरण, मारो...
Read moreDetailsसांवरिया थे तो, सिंगोली बिराजो म्हारा श्याम, पर्वत बीच था कि झांकी, प्यारी लागे म्हारा श्याम।। चारभुजा चिंता हरण, मारो...
Read moreDetailsम्हारा हँसला रे, दिया गुरुजी हेला। दोहा - सन्त मिलन को चालिए, तज माया अभिमान, ज्यूँ ज्यूँ पैर धरे धरणी...
Read moreDetailsमदवो घूम रयो हाथी रे, दोहा - कबीर कमाई आपरी, कभी यन निर्फल जाय, सौ कोसो पीछे धरे, मिले अगाऊ...
Read moreDetailsमहादेव लहरी रे डोकरा, भोलानाथ लहरी, जटा मुकुट में गंगा बिराजे, बंसी बाजे गेरी।। राम ने लक्ष्मण जी दोनों, राघ...
Read moreDetailsमैं थाने सिवरू सिरवाल माता, हैले हाजर आय रे।। गाव बावड़ी में प्रगटिया मैया, धजा फरुके असमान रे, मे थाने...
Read moreDetailsओम सत्य ओम सत्य, होवे हर की आरती, हरि ओम हरि ओम, होवे हर की आरती, जय जय बोले, बाबा...
Read moreDetailsगाफिल क्यों नींद में सोग्यो, दोहा - ढोल बजाय बजाय कहे, सब संत जगावत देवत हेला, सोई रहा नर गाफिल...
Read moreDetailsबिन सत्संग होवे ना ज्ञाना, दोहा - निर्धन कहे धनवान सुखी, धनवान कहे सुख राजा को भारी, राजा कहे चक्रवर्ती...
Read moreDetailsतू सत्संग नौका में बैठ, सुवा चाले तो।। दोहा - रामचरण रुल झावतो, मिलती नहीं सत्संग, कठिन त्याग वैराग को,...
Read moreDetailsचालो मना सत्संग करा, दोहा - पाप कटे मन डटे, सत्संग गंगा नहाय, बिण्ड भया गुरू देव का, दसो दोस...
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