कान्हा ऐसी मारी पिचकारी भजन लिरिक्स
कान्हा ऐसी मारी पिचकारी, दोहा - इत राधा उत नन्द का लाला, लगे रंग बरसाने, सूखा कोई बच ना पायो,...
Read moreDetailsकान्हा ऐसी मारी पिचकारी, दोहा - इत राधा उत नन्द का लाला, लगे रंग बरसाने, सूखा कोई बच ना पायो,...
Read moreDetailsरंग मत डारो कान्हा, बोले रे गुजरिया, जरा खुद को संभाल, मेरा किया बुरा हाल, कान्हा फागुन में, फागुन में,...
Read moreDetailsचले ठुमक ठुमक नंदलाल, दोहा - नन्द महल आनंद बरसे, खुशियां री झनकार, मनड़े रो मोरियो, छम छम नाचे, लेवा...
Read moreDetailsहोली खेलण आया जी, फागण खेलण आया, चालो आज म्हारे सांवरिये ने, म्हे तो रंगणे आया, म्हे तो रंगणे आया,...
Read moreDetailsलो फागुन आया रे, मस्तियाँ लाया रे, नाचो दीवानो झूम के, अरे ये मेला है श्याम का, लो फागुण आया...
Read moreDetailsकैया घुंघटीयो उठाऊं, म्हाने पाप लागे, यो श्याम धणी भई, मेरे धणी रो बाप लागे।। तर्ज - थारे सेठ जी...
Read moreDetailsसांवरिया री बड़ी अपार, कृपा बरस रही जी बरस रही, समझो तो बेड़ा पार, कृपा बरस रही जी बरस रही,...
Read moreDetailsरंग रंगीला फागुन आया, चलो श्याम के द्वारे, खाटू में जो लगा है मेला, अदभुत है नजारे, हाथो में निशान...
Read moreDetailsम्हाने खाटू वालो, म्हारो बाबो श्याम, खिलावे देखो गोद्या में, खिलावे देखो गोद्या में।। तर्ज - म्हाने खाटू में बुलाले।...
Read moreDetailsश्याम बाबा के दर्शन, करे जाएंगे, मरते मरते भी, ये नाम जपे जाएंगे, श्याम बाबा के दर्शंन, करे जाएंगे।bd। आपके...
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