जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है हिंदी भजन...

जगत के रंग क्या देखूं, तेरा दीदार काफी है। क्यों भटकूँ गैरों के दर पे, तेरा दरबार काफी है॥नहीं चाहिए ये दुनियां के, निराले रंग ढंग मुझको, निराले रंग...

कृष्ण भजन