आयो रे आयो पर्युषण आयो जन जन के भाग्य संवारने लिरिक्स
आयो रे आयो पर्युषण आयो, जन जन के भाग्य संवारने, प्रभु की पूजा गुरु की भक्ति, जिनवाणी मन मे उतारने।।...
Read moreDetailsआयो रे आयो पर्युषण आयो, जन जन के भाग्य संवारने, प्रभु की पूजा गुरु की भक्ति, जिनवाणी मन मे उतारने।।...
Read moreDetailsश्री वल्लभ गुरु के चरणों में, मैं नित उठ शीश झुकाता हूँ, मेरे मन की कली खिल जाती है, जब...
Read moreDetailsगुरुजी मेरी, लागी लगन मत तोड़ना, लागी लगन मत तोड़ना, लागी लगन मत तोड़ना, गुरुजी मेरीं, लागी लगन मत तोड़ना।।...
Read moreDetailsआओ स्वामी जी तुम देने दर्शन, आकर भक्तों का, तुम धन्य करो जीवन, हर लब पे तुम्हारा नाम, आता है...
Read moreDetailsक्षमा भाव हम जैनियों की निशानी, जीवों के प्रति क्षमा भाव धरें प्राणी।। तर्ज - राम भक्त ले चला रे।...
Read moreDetailsम्हारो भेरू यो मनड़े भाय गयो, दिलडा में ज्योत जगाय गयो, ओ तो डम डम डमरू बजावे भक्तो रा दुखड़ा...
Read moreDetailsगुरु सप्तमी आई, चलो भरतपुर है जाना, राजेन्द्र सुरिस्वर के, दर्शन है पाना।। तर्ज - तेरे जैसा यार कहाँ। ये...
Read moreDetailsहे मोहनखेड़ा महाराजा, श्री राजेंद्र सूरी गुरुराजा, गुरु भक्तो में छाई है खुशियां, बाजे नोबत द्वारे बाजा, हो. आई सातम...
Read moreDetailsदादा गुरुवर सारे जहाँ में निराला है, कोई और नही मोहनखेड़ा वाला है।। तर्ज - दिल दीवाना बिन सजना के।...
Read moreDetailsहो.. आया रे.. पर्व आया पर्युषण, के जैनियों का पर्व सुहाना, महिमा बड़ी है महान, के पर्व है ये सदियों...
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