कभी माखन चुरा लिया कभी पर्वत उठा लिया भजन लिरिक्स
कभी माखन चुरा लिया, कभी पर्वत उठा लिया, ओ लल्ला रे, ये क्या गजब किया, मेरे कान्हा, मुझको डरा दिया॥॥...
Read moreDetailsकभी माखन चुरा लिया, कभी पर्वत उठा लिया, ओ लल्ला रे, ये क्या गजब किया, मेरे कान्हा, मुझको डरा दिया॥॥...
Read moreDetailsप्रेम की गंगा बहाते चलो, ज्योत से ज्योत जगाते चलो, प्रेम की गंगा बहाते चलो, राह में आये जो दीन...
Read moreDetailsजय हो जय हो तुम्हारी जी बजरंगबली, ले के शिव रूप आना गज़ब हो गया, त्रेता युग में थे तुम...
Read moreDetailsहमको मन की शक्ति देना, मन विजय करे । दूसरो की जय से पहले, खुद को जय करे । भेद...
Read moreDetailsतोरा मन दर्पण कहलाए, भले, बुरे, सारे कर्मों को, देखे और दिखाए।। मन ही देवता, मन ही ईश्वर, मन से...
Read moreDetailsहे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम, ओ शेरोवाली, ऊँचे डेरों वाली, बिगड़े बना दे मेरे काम।। ऐसा कठिन पल,...
Read moreDetailsहै धन्य तेरी माया जग में, ओ दुनिया के रखवाले, शिव शंकर डमरू वाले, शिव शंकर भोले भाले ।। तर्ज...
Read moreDetailsगोकुल का कृष्ण कन्हैया, सारे जग से निराला है, सांवली सुरतीया है, और मोर मुकुट वाला है, गोकुल का कृष्ण...
Read moreDetailsसबसे पहले तुम्हे मनाऊँ, दोहा - प्रथमे गौरा जी को वंदना, द्वितीये आदि गणेश, त्रितिये सीमरु शारदा, मेरे कण्ठ करो...
Read moreDetailsगजानंद महाराज पधारो, कीर्तन की तैयारी है। तर्ज - फुल तुम्हे भेजा है ख़त मे। - श्लोक - प्रथम मनाये गणेश...
Read moreDetails© 2016-2025 Bhajan Diary