भजले रे बन्दे नाम हरि का क्यो करता है नादानी
भजले रे बन्दे नाम हरि का, क्यो करता है नादानी, सुनले रे ओ अभिमानी।। तर्ज - बस्ती बस्ती पर्वत पर्वत।...
Read moreDetailsभजले रे बन्दे नाम हरि का, क्यो करता है नादानी, सुनले रे ओ अभिमानी।। तर्ज - बस्ती बस्ती पर्वत पर्वत।...
Read moreDetailsसाँवरे की सेवा में, जो भी रम जाते है, बाबा ही संभाले उन्हें, वो फिर दुःख ना पाते है, साँवरे...
Read moreDetailsमेरी सांसे प्रभु जब तक होंगी, तेरी पूजा तेरी सेवा, प्रभु तब तक होंगी, मेरी सांसे।। तर्ज - मेरे महबूब...
Read moreDetailsतेरे रहते दुःख ना पाऊँ, कितना शुक्र मनाऊ, सांवरे संग संग रहना, सदा तू संग संग रहना, बाह पकड ली...
Read moreDetailsभजले मनवा तू हरि, भले आधी ही घड़ी, कि हो न जाए कही, जिन्दगी की शाम, भजो हरि नाम, हरि...
Read moreDetailsरोज रोज करता है, मन तू बहाने, काहे न माने तू काहे न माने।। तर्ज - हमतो तेरे आशिक है।...
Read moreDetailsऐ मेरे सतगुरू, दाता कर दो मैहर, तेरी महिमा को, सुन सुन के आया मै दर, ऐ मेरें सतगुरू, दाता...
Read moreDetailsमनवा रे अब मान ले कहना, दिन और बचे न, काहे न भजन करे हो।। तर्ज - चँदा रे मेरे...
Read moreDetailsचलो ना साँवरे के दर, वही दिन बीत जायेगे, सुना है भजनो से रीझे, नये हम गीत गायेगे, चलो ना...
Read moreDetailsनिर्बल का साथी है तू, दाता दयावान है, सांवरा सलोना तू, प्यार का खिलौना तू, हर दिल का अरमान है,...
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