जोगी भेष धरकर नंदी पे चढ़कर शिवरात्रि भजन लिरिक्स
जोगी भेष धरकर, नंदी पे चढ़कर। तर्ज - ये माना मेरी जा। दोहा - देखो देखो ये बाराती, ये बारातियों...
Read moreDetailsजोगी भेष धरकर, नंदी पे चढ़कर। तर्ज - ये माना मेरी जा। दोहा - देखो देखो ये बाराती, ये बारातियों...
Read moreDetailsखुद से चल जाती नैया जो हमारी, तो फिर ना होती दरकार तुम्हारी, मेरे माझी बन जाओ, मेरी नाव चला...
Read moreDetailsओ नीले घोड़े वाले, तेरे खेल है निराले, खाटू वाले तेरा तो जवाब नही, हारे का सहारा मेरा श्याम धणी।।...
Read moreDetailsतुम्हे कोई जग में हरा ना सकेगा, शरण सांवरे की तुम आकर तो देखो, झुकेगा तुम्हारे ही आगे ज़माना, कभी...
Read moreDetailsज्योति में के मजो है, कीर्तन में के मजो है, खाटू में जाके देखो, फागण में के मजो है, ज्योति...
Read moreDetailsमेरे सांवरे मुझको दे दो सहारा, दोहा - ये सारे खेल तुम्हारे है, जग कहता खेल नसीबो का, मैं तुझसे...
Read moreDetailsम्हारे मन में लागो चाव, ईब के जास्यूं श्याम के द्वार, आयो फागणो रो त्यौहार सगला, चालो जी चालो खाटू...
Read moreDetailsमेरे खाटू के राजा, कब आओगे तुम, आया फागुण का मेला, कब आओगे तुम, मैंने घर को सजाया, कब आओगे...
Read moreDetailsतेरी वंदना करे हम गणेश, गजरूप तेरा प्यारा लगे, तेरी जय जय हो गौरी गणेश, तेरी जय जय हो गौरी...
Read moreDetailsअपने भक्तों को प्रभु, दर्श दिखाने आजा, मेरे गणराज मेरी बिगड़ी, बनाने आजा।। तर्ज - तू किसी और से मिलने।...
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