दो रोटी देने को जब भी कोई हाथ बढाता है भजन लिरिक्स
दो रोटी देने को जब भी, कोई हाथ बढाता है, ना जाने फिर साथ में क्यो वो, सौ फोटो खिंचवाता...
Read moreDetailsदो रोटी देने को जब भी, कोई हाथ बढाता है, ना जाने फिर साथ में क्यो वो, सौ फोटो खिंचवाता...
Read moreDetailsभारत से कोरोना मिटाना, मोदी जी का साथ निभाना, भारत से कोरोंना मिटाना।। तर्ज - परदेशियों से न अंखियां। बहुत...
Read moreDetailsदिल में श्री राम बसे हैं, संग माता जानकी, बैठा खड़ताल बजाए, रघुवर के नाम की।। तर्ज - ये गोटेदार।...
Read moreDetailsतेरे हाथ में पतवार है, फिर नाव क्यों मझधार है, मेरे सांवरे, मेरे सांवरे, बड़ी तेज़ गम की ये धार...
Read moreDetailsतेरे दर ना आ पाए, कैसी लाचारी है, इस जग में फैली है, कैसी महामारी है।। तर्ज - होंठों से...
Read moreDetailsयाद थारी आवे रे, घणो ही सतावे रे।। तर्ज - उड़ जा काले कावा। वापस कईया आऊँ सांवरा, जी ना...
Read moreDetailsछोड़ी मैंने मेरी ज़िन्दगी, तेरे भरोसे, सांवरे तेरे भरोसे, मेरा हर ग़म मेरी हर ख़ुशी, तेरे भरोसे, ओ श्याम बाबा...
Read moreDetailsश्री राम की सेवा में रहे, देखो आठों याम, ये अंजनी का लाल, जपे एक यही नाम, रघुपति राघव राजा...
Read moreDetailsहारे का सहारा है, मेरी आँखों का तारा है, खाटू में बैठा श्याम, लगे जान से प्यारा है, हारे का...
Read moreDetailsबैकुंठ अगर दोगी मैया, भूलेंगे हर बार, हो सके तो नर्क ही देना, आती रहे तेरी याद।। तर्ज - चांदी...
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