राजा दशरथ यूँ रो रो के कहने लगे वनवास भजन लिरिक्स
राजा दशरथ यूँ रो रो के कहने लगे, हाय वनवास मेरा दुलारा गया। दोहा - राम को जब तिलक की...
Read moreDetailsराजा दशरथ यूँ रो रो के कहने लगे, हाय वनवास मेरा दुलारा गया। दोहा - राम को जब तिलक की...
Read moreDetailsहम सब खेल खिलौने, तेरे हाथों में है डोर, चाहे जैसे हमको नचाओ, मेरे नंद किशोर, चाहे जैसे हमको नचाओ,...
Read moreDetailsतेरी शरण हम आ गए, बाबा कृपा करो, भटके हुए राही थे हम, अब तो दया करो, तेरी शरण हम...
Read moreDetailsअब पूरा करदे वचन, गीता में जो तूने दिया, संकट में है वो धरती, जिसपे तूने जनम लिया, अब पूरा...
Read moreDetailsआजा भवानी एक बार, मैं तो कब से खड़ा हूँ, तेरे द्वार पर, आजां भवानी एक बार।। तर्ज - तुझको...
Read moreDetailsजीवन की नैया मेरी, डूबेगी ये लगता है, पर डूबेगी कैसे भला, मेरा माझी कन्हैया है, पर डूबेगी कैसे भला,...
Read moreDetailsअगर मिलना चाहो, तो कीर्तन में देखो आकर, मिलूंगा फुर्सत से तुमको, करूँगा बातें मैं जमकर, अगर मिलना चाहों, तो...
Read moreDetailsबूटी ला दे रे बालाजी, बूटी ला दे रे, कहे ये राम पुकार, ओ मेरे पवनकुमार, लखन के प्राण बचा...
Read moreDetailsबाबा का बुलावा आ गया, चलो सालासर भक्तो, वहां बैठे अंजनी लाल, करते इक पल में कमाल, अब मैं इससे...
Read moreDetailsमाथे पे चंदा सजाकर, अंगो में भस्मी रमाकर, अपनी जटा से, गंगा को बहाकर, बैठा है वो, भोले का रूप...
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