झुंझुनू में लगाकर बैठी जो दरबार है भजन लिरिक्स
झुंझुनू में लगाकर बैठी जो दरबार है, वो झुँझन वाली मेरी पालनहार है, उनके ही इशारों चलता ये संसार है,...
Read moreDetailsझुंझुनू में लगाकर बैठी जो दरबार है, वो झुँझन वाली मेरी पालनहार है, उनके ही इशारों चलता ये संसार है,...
Read moreDetailsमुझको मैया समझ ना आये, कौन सा ऐसा करूँ उपाय, मुझको तू बेटा बुलाने लगे, मुझको तू बेटा बुलाने लगे,...
Read moreDetailsकैसे भूलूंगा दादी मैं तेरा उपकार, ऋणी रहेगा तेरा, ऋणी रहेगा तेरा हरदम मेरा परिवार, कैसे भूलूँगा दादी मैं तेरा...
Read moreDetailsअम्बे माँ विनती सुन लो, तुमको बुला रहा हूँ। दोहा - सुमिर सरस्वती मात को, गुरु चरनन में ध्यान, नेम...
Read moreDetailsबिल्कुल बगल में मकान, मैया जी मेरे घर आना, मैया जी मेरे घर आना, मैया जी मेरे घर आना।। मैया...
Read moreDetailsमैया के चरणों में, झुकता है संसार, तीनों लोक में होती, माँ तेरी जय जयकार।। तर्ज - सावन का महीना।...
Read moreDetailsजब जब देखूं दादी तुमको, आता है ये ख्याल क्यों, नजरे उतार दूँ नजरे उतार दूँ।। भोला भाला चाँद सा...
Read moreDetailsहमें तुम बता दो, कहाँ धाम तेरा, निशदिन तेरे द्वार आते रहेंगे, अरमान दिल में यही है हमारे, सदा दीद...
Read moreDetailsमहाकाल की नगरी वाली, हरसिद्धि की जय, उज्जैन नगरी जो भी आवे, होवे उकी विजय, के दर्शन करने आजो जी,...
Read moreDetailsईच्छा है यही मन में, मैया मेरे जीवन में, कोई ऐसा भी पल आए, कोई ऐसा भी पल आए, जब...
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