बैठी हो माँ सामने कर सोलह श्रृंगार भजन लिरिक्स
बैठी हो माँ सामने, कर सोलह श्रृंगार, तू करुणा की है मूरत, और ममता का भण्डार, बैठी हो मां सामने,...
Read moreDetailsबैठी हो माँ सामने, कर सोलह श्रृंगार, तू करुणा की है मूरत, और ममता का भण्डार, बैठी हो मां सामने,...
Read moreDetailsमैया री मैया शारदे तोहे, लाल रंग की चुनरिया सोहे।। मस्तक मुकुट बाल घुंघराले, माथे बिन्दिया सोहे, मैया री मैया...
Read moreDetailsतुम बिन हमारी विपदा, माँ कौन आके टारे, नैया भंवर पड़ी है, कर दो जरा किनारे।। निर्धन को मिली माया,...
Read moreDetailsतेरी महिमा सभी ने बखानी, दया हमपे करो अम्बे रानी।। तर्ज - मनिहारी का भेष। हम शरण तेरी आए है,...
Read moreDetailsझुंझुनू वाली दादी, ममता की मूरत है, सारे जग से दादी माँ, तेरी प्यारी सूरत है, झुंझनू वाली दादी, ममता...
Read moreDetailsथारे भरोसे बैठ्यो मैया, कोई ना म्हारो है, आसरो दादी थारो है, आसरो म्हाने थारो है।। तर्ज - कन्हैया ले...
Read moreDetailsहे महाशक्ति हे माँ अम्बे, तेरा मंदिर बड़ा ही प्यारा है।। तर्ज - दिल लुटने वाले। सारी दुनिया एक बगिया...
Read moreDetailsकैसे कह दूँ, दुआ बेअसर हो गई, मैं रोया, मेरी माँ को खबर हो गई, मैं रोया, मेरी मां को...
Read moreDetailsवर दे वीणा वादिनि वर दे, प्रिय स्वतंत्र रव अमृत-मंत्र नव, भारत में भर दे, वर दे विणा वादिनि वर...
Read moreDetailsवीणा वादिनी माँ, हंस वाहिनी माँ, तेरे ज्ञान से रोशन है, सारा जहान, कृपा तेरी जिस घर में, हो जाएगी...
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