ऊँची चढ़ाई लखबीर सिंह लख्खा जी भजन लिरिक्स
ऊँची चढ़ाई, तर्ज - लंबी जुदाई श्लोक है रेहमत तेरी माँ, पल पल बरसे, जाए नही खाली, कभी सवाली दर...
Read moreDetailsऊँची चढ़ाई, तर्ज - लंबी जुदाई श्लोक है रेहमत तेरी माँ, पल पल बरसे, जाए नही खाली, कभी सवाली दर...
Read moreDetailsपत्थर की दुनिया से निकलके, देखो माँ इक बार, कितना दुखी संसार।। तर्ज - नफरत की दुनिया को छोड़कर। हर...
Read moreDetailsदेखो सूरज की किरणे बिखरने लगी, तर्ज - जिसके सपने हमें रोज आते रहे। देखो सूरज की किरणे बिखरने लगी,...
Read moreDetailsयहाँ वहाँ जहाँ तहाँ, मत पूछो कहाँ कहाँ, है सँतोषी माँ, अपनी सँतोषी माँ, अपनी सँतोषी माँ, बड़ी मन भावन,...
Read moreDetailsमैने ध्यान तेरा ही किया है, मैने नाम तेरा ही लिया है, (तर्ज :- मैँने प्यार तुम्ही से) मैने ध्यान...
Read moreDetailsतू माँ शेरांवाली है जगदम्बे काली है, पालनहारी है, ओ माँ ऽऽऽ ओ माँ ऽऽऽ (तर्ज :- तू कितनी अच्छी...
Read moreDetailsदुष्टो का मैया तुमने संहार किया है, (तर्ज :- दिल जाने जिगर तुझपे निसार ) दुष्टो का मैया तुमने संहार...
Read moreDetailsआया हूँ तेरे द्वार पे मैँ सवाली बनके। (तर्ज :- आये हो मेरी जिन्दगी मेँ ...) आया हूँ तेरे द्वार...
Read moreDetailsदिल मे तू माँ के नाम की, ज़रा ज्योति जला के देख, आएगी आएगी मेरी मैया, दिल से बुला के...
Read moreDetailsसर को झुकालो, शेरावाली को मनालो, चलो दर्शन पालो चल के, करती मेहरबानीयाँ माँ, करती मेहरबानीयाँ।। तर्ज - अपनी प्रेम...
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