आरती श्री रामायण जी की हिंदी लिरिक्स
आरती श्री रामायण जी की, कीरत कलित ललित सिय पिय की।। गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद, बाल्मीक विज्ञानी विशारद, शुक सनकादि...
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Read moreDetailsॐ जय गौरी नंदा, प्रभु जय गौरी नंदा, गणपति आनंद कंदा, गणपति आनंद कंदा, मैं चरणन वंदा, ॐ जय गौरी...
Read moreDetailsआरती करो हरिहर की करो, नटवर की , भोले शंकर की, आरती करो शंकर की।। देखे - ॐ जय शिव...
Read moreDetailsहे राजा राम तेरी आरती उतारूँ, आरती उतारूँ प्यारे तुमको मनाऊँ, अवध बिहारी तेरी आरती उतारूँ, हे राजा राम तेरी...
Read moreDetailsराम आरती होने लगी है, जग मग जग मग ज्योत जगी है, जग मग जग मग ज्योत जगी है।। गावे...
Read moreDetailsप्रियाकांतजू की आरती उतारो हे अली, सोहे यशोदा को लाल किरत भानु की लली, प्रियाकांतजू की आरती उतारो हे अली।।...
Read moreDetailsमैं आरती तेरी गाँउ, ओ केशव कुञ्ज बिहारी, मै नित-नित शीश नवाऊ, ओ मोहन कृष्ण मुरारी।। है तेरी छवि अनोखी,...
Read moreDetailsश्यामा तेरी आरती, कन्हैया आरती, सारा संसार, करेगा हाथ जोड़के।। सिर पर सोहणा मुकुट विराजे, गल वैजंती माला साजे, और...
Read moreDetailsश्री भागवत भगवान की है आरती, पापियो को पाप से है तारती।। ये भी देखे - श्री बांके बिहारी तेरी...
Read moreDetailsकरे भगत हो आरती, माई दोई बिरियाँ।। श्लोक - सदा भवानी दाहिनी, सनमुख रहे गणेश, पाँच देव रक्षा करे, ब्रम्हा विष्णु...
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