बिगड़ी बनेगी तेरी खाटू में सिर झुका ले भजन लिरिक्स

0
303
बिगड़ी बनेगी तेरी खाटू में सिर झुका ले भजन लिरिक्स

बिगड़ी बनेगी तेरी,
बिगड़ी बनेगी तेरी,
खाटू में सिर झुका ले,
किस्मत जगेगी तेरी,
किस्मत जगेगी तेरी,
खाटू में सिर झुका ले,
बिगड़ी बनेगी तेरीं,
बिगड़ी बनेगी तेरीं,
खाटू में सिर झुका ले।।

तर्ज – बिगड़ी मेरी बनादे ए शेरों वाली।



दुनिया का है ये राजा

इनकी शरण में आजा,
जो पा सका ना जग से,
वो सांवरे से पा जा,
क्यों करता बन्दे देरी,
खाटू में सिर झुका ले,
बिगड़ी बनेगी तेरीं,
खाटू में सिर झुका ले।।



कहती है सारी दुनिया,

कहते है सारे ज्ञानी,
मेरे साँवरे के जैसा,
दूजा ना कोई दानी,
झोली भरेगी तेरी,
झोली भरेगी तेरी,
खाटू में सिर झुका ले,
बिगड़ी बनेगी तेरीं,
खाटू में सिर झुका ले।।



जलवो से हूँ मैं वाकिफ,

झूठा नहीं है किस्सा,
तेरी रहमतो का श्याम भी,
छोटा सा एक हिस्सा,
सुन ले जुबानी मेरी,
सुन ले जुबानी मेरी,
खाटू में सिर झुका ले,
बिगड़ी बनेगी तेरीं,
खाटू में सिर झुका ले।।



बिगड़ी बनेगी तेरी,

बिगड़ी बनेगी तेरीं,
खाटू में सिर झुका ले,
किस्मत जगेगी तेरी,
किस्मत जगेगी तेरी,
खाटू में सिर झुका ले,
बिगड़ी बनेगी तेरीं,
बिगड़ी बनेगी तेरीं,
खाटू में सिर झुका ले।।

Singer : Raj Pareek