रमो रमो रे भवानी मारी खिमज माँ भजन लिरिक्स

रमो रमो रे भवानी मारी खिमज माँ भजन लिरिक्स

रमो रमो रे भवानी मारी खिमज माँ,
खेलो खेलो रे भवानी मारी खिमज माँ,
ओ थारा भगत जोवे थारी बाट,
माता आवो भगता री अरदास,
पधारो मारी खिमज माँ,
रमों रमो रें भवानी मारी खिमज माँ।।



ए माडी भीनमाल थारो देवरो,

ओ माडी ऊंचा मगरा मे थारो बेसनो,
ओ थारा भगत आया थारे द्वार,
ओ संग सोलंकी लाया आज,
पधारो मारी खिमज माँ,
खेलो खेलो रे भवानी मारी खिमज माँ।।



ओ माडी पैदल पैदल थारे आवता,

कोई रंग गुलाल उडावता,
ओ माडी लाल ध्वजा ले हाथ,
करा भजन मे सारी रात,
पधारो मारी खिमज माँ,
खेलो खेलो रे भवानी मारी खिमज माँ।।



ओ माडी ढोल नगाडा संग नाचता,

टोली भगतो री भजन सुनावता,
ओ माडी घूमर गालो आय,
ओ लेवा मोतीडा सु बधाय,
पधारो मारी खिमज माँ,
खेलो खेलो रे भवानी मारी खिमज माँ।।



ओ राती जोगो दिरावा थारे नाम रो,

ओ नाम जगत मे छावे थारे धाम रो,
ओ आई तेरस वाली रात,
ओ आवो आरतीया मे आज,
पधारो मारी खिमज माँ,
खेलो खेलो रे भवानी मारी खिमज माँ।।



ओ माँ भगजी सोलंकी आविया,

संग चंदा देवी थारे आविया,
ओ गावे किशोर पालीवाल,
ओ संग इन्द्र शर्मा साथ,
पधारो मारी खिमज माँ,
खेलो खेलो रे भवानी मारी खिमज माँ।।



रमो रमो रे भवानी मारी खिमज माँ,

खेलो खेलो रे भवानी मारी खिमज माँ,
ओ थारा भगत जोवे थारी बाट,
माता आवो भगता री अरदास,
पधारो मारी खिमज माँ,
रमों रमो रें भवानी मारी खिमज माँ।।

प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


आपको ये भजन कैसा लगा ? अपने विचार बताएं

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें