भरलो भरलो झोलियाँ आके बाबा के दरबार भजन लिरिक्स

खाटू बाबा बड़े निराले,
सब देवो में भोले भाले,
उंच नीच ना देखे कोई,
सबको करते प्यार,
भरलो भरलो झोलियाँ,
आके बाबा के दरबार,
भरलों भरलों झोलियाँ,
आके खाटू के दरबार।।



मुखड़ा है भोला भाला,

सुन्दर है रूप निराला,
मुखड़े पे जाऊं क़ुर्बान,
गाऊँ मैं तो तेरा गुणगान,
भरलों भरलों झोलियाँ,
आके खाटू के दरबार।।



जो भी आये सच्चे मन से,

मिलता उसे सहारा,
फागुन में है जिसके दर पे,
लगता अजब नज़ारा,
ज़िन्दगी महक जायेगी करलो,
फूलों से श्रृंगार,
भरलों भरलों झोलियाँ,
आके खाटू के दरबार।।



डम डम ढोल नगाड़े बजते,

छम छम बजते छैने,
धिनक धिनक धिन भक्त हैं नाचे,
मस्ती के क्या कहने,
चन्दन का जो तिलक करे तो,
भर देते भण्डार,
भरलों भरलों झोलियाँ,
आके खाटू के दरबार।।



पंचा श्री नाम की प्यारे,

तू भी जप ले माला,
जय श्री खाटू श्याम है बोले,
कवी हरयाणे वाला,
सात जनम के पाप करम का,
सिर से उतरे भार,
भरलों भरलों झोलियाँ,
आके खाटू के दरबार।।



खाटू बाबा बड़े निराले,

सब देवो में भोले भाले,
उंच नीच ना देखे कोई,
सबको करते प्यार,
भरलो भरलो झोलियाँ,
आके बाबा के दरबार,
भरलों भरलों झोलियाँ,
आके खाटू के दरबार।।

Singer – Kamal Kishore Kavi


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