भजन श्याम सुन्दर का करते रहोगे तो संसार सागर से तरते रहोगे

भजन श्याम सुन्दर का,
करते रहोगे करते रहोगे,
संसार सागर से तरते रहोगे।।



कृपा नाथ बेशक,

मिलेंगे किसी दिन,
कृपा नाथ बेशक,
मिलेंगे किसी दिन,
मिलेंगे किसी दिन,
सत्संग पथ से गुजरते रहोगे,
भजन श्याम सुन्दर का,
करते रहोगे करते रहोगे,
संसार सागर से तरते रहोगे।।



अगर हरी से मिलने की,

दिल में तमन्ना,
अगर हरी से मिलने की,
दिल में तमन्ना,
दिल में तमन्ना,
करो शुद्ध अंतकरण धिरे धिरे,
भजन श्याम-सुन्दर का,
करते रहोगे करते रहोगे,
संसार सागर से तरते रहोगे।।



कोई काम दुनिया में,

मुश्किल नहीं है,
कोई काम दुनिया में,
मुश्किल नहीं है,
मुश्किल नहीं है,
जो करते रहोगे यतन धिरे धिरे,
भजन श्याम-सुन्दर का,
करते रहोगे करते रहोगे,
संसार सागर से तरते रहोगे।।



करो प्रेम से भक्ति,

पूजा हरी की,
करो प्रेम से भक्ति,
पूजा हरी की,
पूजा हरी की,
तो मिल जाएगा वो रत्न धिरे धिरे,
भजन श्याम-सुन्दर का,
करते रहोगे करते रहोगे,
संसार सागर से तरते रहोगे।।



भजन श्याम सुन्दर का,

करते रहोगे करते रहोगे,
संसार सागर से तरते रहोगे।।


स्वर – विजय प्रकाश वैष्णव

 

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