बन्दे सतगुरु सतगुरु बोल,
तेरा क्या लगेगा मोल,
तेरा क्या लगेगा मोल।।
दस बीस कोस नहीं चलणा,
तेरे सर पर भार नहीं धरणा,
तेरा हाथ पांव नहीं हिलना,
भाई रे मन की घुंडी खोल,
मन रे सायब सायब बोल,
तेरा क्या लगेगा मोल।।
ये मन बहुरंगी घोडा,
घोड़े के पांच बछेरा,
ये पांचू फिरे लुटेरा,
इनकी बाँह बेगी मोड़,
मन रे सायब सायब बोल,
तेरा क्या लगेगा मोल।।
या माया है जग ठगनी,
या बड़ा बड़ा संग लगनी,
माया ने जग भरमाया भाई रे,
इसका पिंडा छोड़,
मन रे सायब सायब बोल,
तेरा क्या लगेगा मोल।।
तने दास कबीर समझावे,
भूल्या ने राह बतावै,
गया वक्त हाथ नहीं आवै भाई रे,
मन की आंख्या खोल,
मन रे सायब सायब बोल,
तेरा क्या लगेगा मोल।।
बन्दे सतगुरु सतगुरु बोल,
तेरा क्या लगेगा मोल,
तेरा क्या लगेगा मोल।।
Singer – Vikash Nath Ji
Upload – Sk Sharma








