बाछल माता रे बैठी,
झरोखा रे माय माता,
बैठी झरोखा रे मांय,
मेड़ी में दिखे कोनी च्या,
ऐ चानणो रे हां।।
लालू बेटा रे सुणले,
मनड़ा री रे बात लालू,
सुणले मनड़ारी रे बात,
बोले रे माता बाछल के,
ओ के केव रे हां।।
लालू बेटा रे तूं म्हारे,
घर रो लुहार लालू,
तूं म्हारे घर रो लुहार,
दिवलो घड़ ल्यादे,
सरवा सो हां सोवनो रे हां।।
माता मेरी ऐ लौहा तो कोनी,
मेरे हाथ माता,
लौहा तो कोनी मेरे हाथ,
काला तो कोनी म्हारे,
कोयला रे हां।।
बेटा मेरा रे कठै तो निपजै,
लोहा लौय बेटा,
कठै तो निपजै लोहा लोय,
कठै तो निपजै,
काला कोय ऐ कोयला रे हां।।
माता मेरी लोहा तो गढ़ मे,
लोहा लोय माता,
लौहा तो गढ में लोय,
हे कजली तो बन में,
काला को ऐ कोयला रे हां।।
बेटा मेरा रे क्या मे तो आवे,
लोहा लोय बेटा,
क्या मे तो आवे लोहा लोय,
क्या मैं तो आवे काला,
को ऐ कोयला रे हां।।
माता मेरी ऐ ऊंटां पर आव,
लोहा लौय माता,
ऊंटां पर आव लौहा लोय,
हे गाडां पर आव,
काला को ऐ कोयला रे हां।।
बेटा मेरा रे के मण,
लागे रे लौय बेटा,
के मण लागे रे लोय,
के मण लागे काला,
को ऐ कोयला रे हां।।
माता मेरी ऐ नौ मण,
लागे रे लोय माता,
नौ मण लागे रे लोय,
दस मण लागे काला,
को ऐ कोयला रे हां।।
लालू बेटा रे पलकां,
मंगादयू रे लोय बेटा,
पलकां मंगादयू रे लोय,
पलकां मंगादयू काला,
को ऐ कोयला रे हां।।
दिवले ने गाइज्यो,
सभा क रे माय,
भाई रे गाइज्यो सभा क रे माय,
च्यारुं कुटां में होसी,
च्या हे च्यानणो रे हां।।
बाछल माता रे बैठी,
झरोखा रे माय माता,
बैठी झरोखा रे मांय,
मेड़ी में दिखे कोनी च्या,
ऐ चानणो रे हां।।
गायक – मुकेश रॉयल।
प्रेषक – समुन्द्र चेलासरी।
मो.- 8107115329








