बाबा खेउँ गूगलियो धूप कँवर सा अजमल रा भजन लिरिक्स

बाबा खेउँ गूगलियो धूप,
कँवर सा अजमल रा,
आरतियों री बेला,
बेगा आवजो हे हा।।



पहला पोरे री बात,

कँवर सा अजमल रा,
माता रे मैणादे उतारे आरती हे हा।।



बीजे पोरे री बात,

कँवर सा अजमल रा,
बेन रे सुगणा उतारे आरती हे हा।।



होय घोड़े असवार,

कँवर सा अजमल रा,
आरतियों री बेला बेगा आवजो हे हा।।



तीजे पोरे री बात,

कँवर सा अजमल रा,
राणी आ नेतल उतारे आरती हे हा।।



चौथे पोरे री बात,

कँवर सा अजमल रा,
बाई रे डाली उतारे आरती हे हा।।



होय घोड़े असवार,

कँवर सा अजमल रा,
आरतियों री बेला बेगा आवजो हे हा।।



बोलियां रावळ जी रा नार,

कँवर सा अजमल रा,
गावे रूपादे नार,
कँवर सा अजमल रा.
म्हाने जुग जुग चरणों में,
राख कँवर सा अजमल रा,
आरतियों री बेला बेगा आवजो हे हा।।



बाबा खेउँ गूगलियो धूप,

कँवर सा अजमल जी रा,
आरतियों री बेला,
बेगा आवजो हे हा।।

प्रेषक – रामेश्वर लाल पँवार।
आकाशवाणी सिंगर।
9785126052


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