बापजी सोय रया कांई सांसे भरिया सायल भजन लिरिक्स

बापजी सोय रया कांई सांसे भरिया,
कला हटगी कांई मलेछो सू डरिया,
आगे आवता कांई अलंगो रे खड़िया,
सांकल घाल सेंटा कुण जड़िया।।



हमकोड़ी सायल सुणो बाबा ऐसी,

धणिया बिना खबर कुण लेसी,
बापजी बड़ा बड़ा भिड़दो रा भारा,
आप शशि म्हे नवलख तारा।।



थे मिणधारी म्हे लिया थोरा सहारा,

आप बिना कुण करे निस्तारा,
बापजी बड़ा बड़ा थे अनवी निवाया जे,
हाजर होय ने परचा पाया।।



परचे रे कारण थे पीर कहवाया,

रमता राम रुणेचे आया,
बापजी पीर कहूँ थे हो परमेश्वर,
जती सती जूना जोगेश्वर।।



अणघड़ आप आबू अचलेश्वर,

कथ कथ गया थोने केई कवेश्वर,
बापजी सतजुग कळजुग किया एक तोले,
झाड़ झपट रे पवन रे ओले।।



गुरु बीजोंजी सिस धेनो बोले,

कळजुग कलम राखजो कोने,
हमकोड़ी सायल सुणो बाबा ऐसी,
धणिया बिना खबर कुण लेसी।।



बापजी सोय रया कांई सांसे भरिया,

कला हटगी कांई मलेछो सू डरिया,
आगे आवता कांई अलंगो रे खड़िया,
सांकल घाल सेंटा कुण जड़िया।।

गायक – गायक राजूराम जी सेजू थोब।
प्रेषक – रामेश्वर लाल पँवार।
आकाशवाणी सिंगर।
9785126052


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