गौरी तनय गणपति को दो फूल चढ़ाते हैं भजन लिरिक्स
गौरी तनय गणपति को, दो फूल चढ़ाते हैं, सब काम सिद्ध कर दो, ये अर्ज सुनाते हैं, गौरी तनय गनपति...
गौरी तनय गणपति को, दो फूल चढ़ाते हैं, सब काम सिद्ध कर दो, ये अर्ज सुनाते हैं, गौरी तनय गनपति...
डगमग नैया डोलती, वाल्मीकि करतार, तोरे बिना मझधार में, कौन लगाए पार, कौन लगाए पार।। किसे पुकारे गोमती, कहाँ करें...
नौकर लगाले दरबार में, खोया रहुँगा तेरे प्यार में।। तर्ज - साजन मेरा उस पार है। लिया मन्नै फकीरी बाणा...
कनुआ कन्हैया काला, यशोदा वो तेरा लाला, खाये को मांगे दधि दान, हाय रे मैं तो से कही आन, भागे...
मैं तो श्याम की दीवानी, मेरा और कौन होगा, मेरे दिल की धड़कनो में, बस श्याम श्याम गूंजे।। मुरली बजा...
निर्बल हो कर कोई, जब उन्हें पुकारा है, फिर कौन बिगाड़ेगा, जब राम सहारा है, निर्बल हो कर कोईं।। देखे...
ना चाहूँ मैं सर पे कभी ताज, ज़रा सी श्याम दया कर दे, आजा अब तो बचा दे लाज, ज़रा...
प्रकट हो मेरे बालाजी, तेरा सजा दिया दरबार।। तेरे दर्शन की खटक लगी स, कब होगा दीदार, घर घर में...
साधो भाई सत्संग उत्तम गंगा, पाप ताप संताप मिटावे, झण्डा लहरावे तिरंगा।। सत्संग तो संता की कोर्ट, चले ज्ञान प्रसंगा,...
आम की डाली कोयल बोले, बात सुनावे खरी खरी, लिखमीदासजी ने भजले प्राणी, मै समझावु घडी घडी, लिखमीदासजी ने भजले...
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