सतगुरु देवा जी सुण ल्यो म्हारी विनती भजन लिरिक्स
सतगुरु देवा जी, सुण ल्यो म्हारी विनती, मैं दु:खी बड़ो बेहाल, पिलाओ ज्ञान जड़ी।। कर्म उपासना ओ, किया मैं बहु...
सतगुरु देवा जी, सुण ल्यो म्हारी विनती, मैं दु:खी बड़ो बेहाल, पिलाओ ज्ञान जड़ी।। कर्म उपासना ओ, किया मैं बहु...
म्हारी बाण माता धनियाणी, मोटो देवरो माँ, देवलिया में बोले मीठा मोर माँ, म्हारी अम्बे माँ धनियाणी, मोटो देवरो माँ।।...
धार रे अवतार गुरु आविया, मेटी म्हारे दुखडा री खाण, दे उपदेश गुरू पार क्या भव से, हो पृगट बताई...
मनमोहनी है छवि ये तुम्हारी, हटती नहीं है बाबा नजरें हमारी।। तर्ज - सागर किनारे। सिर पे मुकुट और कानों...
कितनो का माझी है ये, कितनो के जीने का सहारा, खाटू का श्याम हमारा, भक्तो खाटू का श्याम हमारा।। तर्ज...
मेरे लाड़लो मेरी किरपा जो चाहो, बुरी आदते सारी, बुरी आदते सारी मुझको दे जाओ, मेरे लाडलो मेरी किरपा जो...
माँगू क्या मैं, क्या नहीं तुमने दिया, सांवरे तूने नहीं झुकने दिया, माँगू क्या मैं, क्या नहीं तुमने दिया।। तर्ज...
साधों भाई हरदम हरि को हेरो, हरदम हेर देर मत कीजे, मिटे चौरासी रो फेरो।। सर्व जगत जुगत नहीं जाणे,...
क्या की है नाराज़ी, कुछ बोलो तो सही, बाबा अपने मंदिर का, पट खोलो तो सही।। तर्ज - ऊबो थारी...
सब जीते जी के झगड़े है, ये मेरा है वो तेरा है, जब तन से स्वासें निकल गई, क्या तेरा...
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