जब अंत घड़ी आए कुछ ऐसा नजारा हो लिरिक्स
जब अंत घड़ी आए, कुछ ऐसा नजारा हो, धरती हो खाटू की, दीदार तुम्हारा हो।। तर्ज - बचपन की मोहब्बत...
Shekhar Mourya is the founder and editor of Bhajan Diary, a trusted platform dedicated to Hindi devotional literature. With years of experience in publishing and organizing bhajans, aartis, chalisas, mantras, and kirtans, he is committed to preserving authentic devotional content in a simple, accurate, and easy-to-read format for devotees around the world.
जब अंत घड़ी आए, कुछ ऐसा नजारा हो, धरती हो खाटू की, दीदार तुम्हारा हो।। तर्ज - बचपन की मोहब्बत...
राधारमण बिहारी, ब्रजधाम में बसा लो, चरणों की देके सेवा, चरणों से अब लगा लो।। तर्ज - तेरे नाम का...
कलयुग में महिमा भारी, और दोनों देव महान, एक रूणिचे रो रामदेव, दूजो खाटू श्याम।। खाटू वाले श्याम घणी रा,...
मैंने ढूंढा चारो ओर, कान्हा मेरा कित गया, कित गया रे श्याम, कीत गया, ये छलिया माखन चोर, कान्हा मेरा...
जब ज़िद पे आ गई पार्वती, पार्वती, पार्वती, समझाने पहुँचे सप्तऋषि, सप्तऋषि, सप्तऋषि, काय ज़िद कर रही, काय खुमर रही,...
मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई।। काहे की या नाव बनाई, काहे की पतवार, रामा काहे...
बंदीगृह में जनम लियो है, देवकी को लाला, मोहन मुरली वाला, देवकी को लाला, मोहन मुरलीं वाला।। तर्ज - करके...
कान्हा का जन्मदिन आयो है, आज बिरज में धूम मची, सखियन ने शोर मचायो है, गली-गली गोकुल की सजी।। लेत...
बाबा तेरी किरपा की है, आज हमें दरकार, पल भर की देरी में कुछ भी, बचेगा ना सरकार, पल भर...
आजा आकर साँवरे, पतवार चला दे, आजा आकर सांवरे, पतवार चला दे डूब रही है नैया मेरी, डूब रही है...
© 2016-2026 Bhajan Diary