भवन में खेल खिलावेगी माँ काली आवैगी
भवन में खेल खिलावेगी, सच्चे मन तै सुमर लिए, माँ काली आवैगी।। मां काली सिर खेल खेल के, कष्टों का...
भवन में खेल खिलावेगी, सच्चे मन तै सुमर लिए, माँ काली आवैगी।। मां काली सिर खेल खेल के, कष्टों का...
आवेगा दादा खेड़ा, आवैगा दादा खेड़ा, पहर क धौला भाणा, आके न रंग जमाणा, धर देगा सिर प हाथ र...
तेरी तिरछी नज़र ने, क्या जादू किया। दोहा - टेढ़ो सर पे मुकुट विराजे, टेढ़ी तेरी चाल, टेढ़ी तेरी बांकी...
अपना तो सब कुछ कन्हैया, एक तू संसार में, जी रहा ये ज़िन्दगी मैं, आपके ही प्यार में, अपना तो...
तेरे भवन सजाए आज, मेरे अंगना बालाजी, मैं तने बुलाऊं आज, मेरे अंगना बालाजी।। तेरे नाम की ज्योत जगाई, धर...
एहसान तेरे इतने, कैसे मैं चुकाऊंगा, क्या क्या किया है तुमने, कैसे मैं भुलाऊँगा, एहसान तेरे इतनें, कैसे मैं चुकाऊंगा।।...
भोले के दरबार से, खाली नहीं जाएंगे, खाली झोली आये है, भरके झोली जाएंगे।bd। तर्ज - श्याम के दरबार से।...
खाटू वाली गाड़ी चली, जय श्री श्याम, खाटू में जाएंगे, भजन सुनाएंगे, मीठे मीठे भजनों से, बाबा को रिझाएंगे, चूरमा...
वृन्दावन जाउंगी सखी, वृन्दावन जाउंगी, मेरे उठे विरह की पीर सखी, वृन्दावन जाउंगी, मुरली बाजे यमुना तीर, सखी वृन्दावन जाउंगी।।...
तेरे जैसा दानी, ना जग में हुआ, दर तेरे जो भी आया, मालामाल हुआ।। तर्ज - साथिया नहीं जाना। तेरे...
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