सिंघ सवारी महिमा भारी पहाड़ों में अस्थान तेरा भजन लिरिक्स
सिंघ सवारी महिमा भारी, पहाड़ों में अस्थान तेरा, ब्रम्हा विष्णु शिव शंकर भी, करते माँ गुणगान तेरा।। कोलकत्ता में काली...
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सिंघ सवारी महिमा भारी, पहाड़ों में अस्थान तेरा, ब्रम्हा विष्णु शिव शंकर भी, करते माँ गुणगान तेरा।। कोलकत्ता में काली...
अब मेरी भी सुनो, हे मात भवानी, मै तेरा ही बालक हूँ, जगत महारानी, अब मेरी भी सुनो।। तर्ज -...
ये गोटेदार चुनरी आजा माँ ओढ़ के, मेरे घर आजा माँ तू मंदिर को छोड़ के।। तर्ज - ये गोटेदार...
ओढ़ चुनरियाँ मैया लाल चली, सिंघ सवारी पे है लगती भली।। तर्ज - आजा ना छूले मेरी चुनरी। लाल रंग...
तेरे दर पे माँ, जिंदगी मिल गई है, मुझे दुनिया भर की, ख़ुशी मिल गई है, तेरे दर पे माँ,...
साँची कहे तोरे दर्शन से हमरे, जीवन में आई बहार मैया जी, मैया की सूरत ममता की मूरत, सुनती हो...
जब छोड़ चलु इस दुनिया को, होठों पे नाम तुम्हारा हो, चाहे स्वर्ग मिले या नर्क मिले, ह्रदय में वास...
माँ शारदे माँ शारदे, मां शारदे मां शारदे, ओ मैया हम तो हैं बालक तेरे माँ, मां शारदे मां शारदे।।...
धूम मची है धूम माँ के दर, धूम मची है धूम।। तर्ज - झूम बराबर झूम। श्लोक - कहीं न...
भजले नाम प्रभु का भजले, धरले प्रभु मूरत मन धरले।। यह संसार रैन का सपना, यह संसार रैन का सपना,...
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