सिंहस्थ है सिंहस्थ शिव भजन लिरिक्स
सिंहस्थ है सिंहस्थ, शिव ही सत्य है शिव भगवंत, शिव अादी है शिव ही अनंत। नंदी पर सवार होकर, आएंगे...
सिंहस्थ है सिंहस्थ, शिव ही सत्य है शिव भगवंत, शिव अादी है शिव ही अनंत। नंदी पर सवार होकर, आएंगे...
पाती पढ़के राधा के यूँ, बरसे ऐसे नैन की मानो, यमुना में बाढ़ आ गई, यमुना में बाढ़ आ गई।।...
तेरे नैना बड़े रसीले, मोटे मोटे बड़ी कटीले, तेनू नजर नही लगजावे, तेनू नजर नही लगजावे, मेरे श्याम, मेरा साँवरा...
पल पल नाम जपूं में तेरा, तेरी अलख जगाऊं -2, दे दो माता दरस के में भी, भवसागर तर जाऊं...
तू माँ शहंशाहो की शहंशाह, मैं गरीबो से भी गरीब हूँ, तेरे हाथो ने लिखी किस्मतें, जो ना बन सका...
सिंघ सवारी महिमा भारी, पहाड़ों में अस्थान तेरा, ब्रम्हा विष्णु शिव शंकर भी, करते माँ गुणगान तेरा।। कोलकत्ता में काली...
अब मेरी भी सुनो, हे मात भवानी, मै तेरा ही बालक हूँ, जगत महारानी, अब मेरी भी सुनो।। तर्ज -...
ये गोटेदार चुनरी आजा माँ ओढ़ के, मेरे घर आजा माँ तू मंदिर को छोड़ के।। तर्ज - ये गोटेदार...
ओढ़ चुनरियाँ मैया लाल चली, सिंघ सवारी पे है लगती भली।। तर्ज - आजा ना छूले मेरी चुनरी। लाल रंग...
तेरे दर पे माँ, जिंदगी मिल गई है, मुझे दुनिया भर की, ख़ुशी मिल गई है, तेरे दर पे माँ,...
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