कई मर्तबा हम मर चुके है ओ मन
कई मर्तबा हम, मर चुके है ओ मन, मगर अब तो, आओ गुरू की शरण, मगर अब तो आओ, गुरू...
Shekhar Mourya is the founder and editor of Bhajan Diary, a trusted platform dedicated to Hindi devotional literature. With years of experience in publishing and organizing bhajans, aartis, chalisas, mantras, and kirtans, he is committed to preserving authentic devotional content in a simple, accurate, and easy-to-read format for devotees around the world.
कई मर्तबा हम, मर चुके है ओ मन, मगर अब तो, आओ गुरू की शरण, मगर अब तो आओ, गुरू...
भजले नाम गुरू का रे मनवा, बीत रही है स्वाँसा, रात गई सुबहा आएगी, आए न तेरी स्वाँसा।। तर्ज -...
कर भले ही तू जगत में, प्राणी सब करम, छूटे ना भजन, कभी छूट ना भजन।। तर्ज - करवटे बदलते...
हरि नाम सुमरले बन्दे, जीवन को सफल बनाले, कट जाएंगे सारे बँधन, गुरू चरणो मे मन को लगाले, हरि नाम...
तेरी दो दिन की जिन्दगानी, प्राणी भजले नाम हरि का, है ये दुनिया आनी जानी, प्राणी भजले नाम हरि का,...
बालाजी तेरे झंडे में, मात सीया और राम बसं, राधा के संग रास रचाते, मुरली वाले श्याम बसं।। एक कुण...
बिना हे मर्द बेबे किसी हो लुगाई, बोलः कोनया चालः मेरी, नणदी का भाई।। सारी हाणांं घुरे जा स, बोलः...
श्रीराम ते मन्नै मिलादे, हनुमान भरोसा तेरा स, हनुमान भरोसा तेरा स, श्रीराम ते मन्नै मिलादे, हनुमान भरोसा तेरा स।।...
आन्ऩद का नहीं ठिकाणा, मेरे बाबा के दरबार में।। कोए नाचे कोए गावः, कोए पेट पिलणया आवः स, आवण की...
कान्हा आया रे आया, ब्रज में बाजे आज बधाई, बाजे आज बधाई ब्रज में, नाचे लोग लुगाई, कान्हा आया रें...
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