ज्येष्ठ में नी आयो ए आषाढ में नी आयो रे
ज्येष्ठ में नी आयो, ए आषाढ में नी आयो रे। दोहा - पेहला बरसु मालवे, और पचे बरसु मेवाड़, अरे...
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ज्येष्ठ में नी आयो, ए आषाढ में नी आयो रे। दोहा - पेहला बरसु मालवे, और पचे बरसु मेवाड़, अरे...
हमारा यार है गिरधर, हमें औरों से क्या लेना। दोहा - सब यार बनके देखे हम, नहीं कोई कभी भी...
चलो मनवा वो मोहन जहाँ मिले, लगा ले मुझे गले, चलों मनवा वो मोहन जहाँ मिले।। तर्ज - चलो सजना...
दुनिया से हारा हूँ मैं, तेरी दरकार है, आजा मेरे सांवरे, तेरा इंतज़ार है।। तर्ज - छूप गया कोई रे...
देखो जन्मदिन, मेरे श्याम का आ गया, मस्ती का रंग, सब भक्तों पे छा गया।। तर्ज - दिल दीवाना ना...
क्यों मुझसे तुम खफा हो, कैसे तुम्हे मनाऊँ, रो रो के मेरे सांवरे, दिल का हाल सुनाऊँ, क्यूँ मुझसे तुम...
चलने को मैं तैयार सांवरे, मेरा रखना सुखी परिवार सांवरे।। तर्ज - पलकों का घर तैयार। इतना समय तो दे...
ओ झुँझन वाली माँ, क्या खेल रचाया है, तू प्यार का सागर है, तू मन का किनारा है, ओ झुँझण...
भगवान मेरी नैया, उस पार लगा देना, अब तक तो निभाया है, आगे भी निभा देना।। हम दीन दुखी निर्बल,...
तेरी रहमत के सदके है बन्दे तेरे, क्या से क्या हो गए देखते देखते। दोहा - नजर ना नजर से...
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