सुण लो नी साँचा वेण भीष्म राजा सोरठ भजन लिरिक्स
सुण लो नी साँचा वेण भीष्म राजा, दोहा - रागन में सोरठ बड़ी, तो भोजन में बड़ी खीर, नाम बड़ो...
सुण लो नी साँचा वेण भीष्म राजा, दोहा - रागन में सोरठ बड़ी, तो भोजन में बड़ी खीर, नाम बड़ो...
साधो भाई सतगुरु है व्यापारी, हीरा मोती बालद भरिया, और लाल ज्वारी।। सत्संग हाट कहिजे भारी, दुकाने न्यारी न्यारी, सतगुरु...
साधो भाई भक्ति प्रेम रंग पाका, कूड़ा कपटी के समझ नही आवे, अगम निगम की साका।। दुर्योधन का मेवा त्यागा,...
मैं कई पाप किदो यमदुता, धीरे दो कोड़ा की।। माता पिता को केणो न मान्यो, न तो सुनतो वाकी, बुढापा...
जग में प्रेम बड़ा बलधारी, जो कोई जन प्रेम से पुकारे, आ जावे गिरधारी।। नरसी मेहता ने सतगुरु मिलिया, माया...
संता राम भजो डर कांको, भजियो ज्याको विश्वास राख ज्यो, सायब भिड़ी थांको।। श्री यादे सिमरण ने बैठी, नचो ढाब...
सतगुरु सुणज्यो हेलो मारो, बार बार मैं करूं सा विनती, चाकर हूँ चरणा रो।। काम क्रोध मद लोभ मोह को,...
जय सतगुरु देवा, स्वामी जय सतगुरु देंवा, लागी लगन मोहे भारी, बख्शो चरण सेवा।। गुरु ब्रम्हा गुरु विष्णु, गुरु शंकर...
रुतबा देखो श्याम धणी सरकार का, लिले घोड़े वाले लखदातार का, मकराणे की कोठी में ये राज करे, मकराणे की...
रहे श्याम जब तक ये जीवन हमारा, छूटे कभी ना ये दामन तुम्हारा।। तर्ज - तुम्ही मेरे मंदिर। रहे हाथ...
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